अमेरिकी सरकार के विज्ञापन पर उठे सवाल, ट्रंप की तस्वीरों वाले वीडियो पर खर्च किए गए 14,000 डॉलर
वाशिंगटन (अमेरिका)। वाशिंगटन से आई रिपोर्ट के अनुसार, पहली नजर में यह एक सामान्य रिपब्लिकन चुनावी विज्ञापन नजर आता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीरों के बीच 30 सेकंड के इस विज्ञापन में कहा जाता है, ‘‘अमेरिका कभी कम्युनिस्ट देश नहीं बनेगा’’, साथ ही इतिहास में सबसे बड़ी कर कटौती का दावा किया जाता है। हालांकि, विज्ञापन के अंत में स्क्रीन के नीचे एक अलग तरह का संदेश दिखाई देता है—‘‘भुगतान अमेरिकी सरकार द्वारा किया गया।’’ मीडिया पर खर्च पर नजर रखने वाली कंपनी एडइम्पैक्ट के अनुसार, इस विज्ञापन पर 14,000 अमेरिकी डॉलर खर्च किए गए और इसे फॉक्स न्यूज तथा न्यूजमैक्स के कार्यक्रमों के दौरान प्रसारित किया गया।
विज्ञापन को लेकर विभागों की चुप्पी और विवरण
यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिकी सरकार के किस विभाग या एजेंसी ने इस विज्ञापन का खर्च उठाया। विज्ञापन में पृष्ठभूमि में संगीत के साथ गायक बार-बार लव मी गाते सुनाई देते हैं। व्हाइट हाउस ने इस संबंध में टिप्पणी के अनुरोध का तत्काल जवाब नहीं दिया है। फॉक्स न्यूज और न्यूजमैक्स ने भी इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है। विज्ञापन में मतदाताओं से यह नहीं कहा गया है कि मध्यावधि चुनाव में किस उम्मीदवार या पार्टी का समर्थन किया जाए, हालांकि इसमें ट्रंप और अन्य रिपब्लिकन नेताओं के चुनावी संदेशों की झलक मिलती है।
नैतिकता और हैच एक्ट के उल्लंघन का आरोप
मैरीलैंड से डेमोक्रेटिक सांसद जैमी रस्किन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि अगर सरकारी कर्मचारियों ने इस वीडियो को तैयार करने में काम किया है तो यह हैच एक्ट का उल्लंघन है। रस्किन ने कहा, ‘‘यह उन कई संघीय नैतिकता संबंधी प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है, जो राजनीतिक अभियानों के लिए सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल पर रोक लगाते हैं।’’ इस मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है और विपक्षी नेताओं द्वारा लगातार इस पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
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