सालाना 'प्राइड परेड' के दौरान, LGBTQIA+ समुदाय के

नेपाल में नई मिनिस्ट्री बनने पर सड़कों पर दिखा 'रेनबो' रंग, अब ट्रांस लोगों के अधिकारों पर नज़र

काठमांडू में निकाली गई प्राइड परेड

काठमांडू (नेपाल): सालाना 'प्राइड परेड' के दौरान, LGBTQIA+ समुदाय के सैकड़ों लोग नेपाल की राजधानी की सड़कों पर उतरे। वे एक मिनिस्ट्री का नाम बदलने का जश्न मना रहे थे, जिसके नए नाम में अब 'सेक्सुअल माइनॉरिटीज' शब्द भी शामिल है। नेपाल के पहले ट्रांसजेंडर सांसद के चुने जाने और मिनिस्ट्री के नए नाम से मिली पहचान के बाद अब यह समुदाय उन कानूनों के बनने का इंतज़ार कर रहा है, जिनकी वे लंबे समय से मांग कर रहे थे।

महिला, बाल, जेंडर और यौन अल्पसंख्यक मिनिस्ट्री का जश्न

'जेन-ज़ी' विरोध-प्रदर्शन के बाद बालेंद्र शाह के नेतृत्व में बनी नई सरकार के तहत यह पहली सालाना 'प्राइड परेड' थी। इसमें 'महिला, बाल, जेंडर और यौन अल्पसंख्यक तथा सामाजिक सुरक्षा मिनिस्ट्री' के गठन का जश्न मनाया गया। यह पहली बार है, जब नेपाल ने खास तौर पर यौन और जेंडर अल्पसंख्यकों के लिए कोई विभाग बनाया है।

ट्रांसजेंडर समुदाय से सांसद बनने से बढ़ा भरोसा

यौन अल्पसंख्यक समूह के डिजिटल मीडिया इन्फ्लुएंसर पराक्रम राणा ने बताया कि ''मैं बहुत उत्साहित और खुश हूं, क्योंकि हमें लंबे समय से इस मिनिस्ट्री की ज़रूरत थी। साथ ही, भूमिका श्रेष्ठ (LGBTIQ+ समुदाय से सांसद) के सांसद बनने से निश्चित रूप से बहुत कुछ होगा, मुझे उन पर बहुत भरोसा है।''

भविष्य को लेकर खुश वऔर उत्साहित हैं ट्रांसजेंडर

राणा ने कहा कि ''हमें एक मिनिस्ट्री तो मिल गई है, लेकिन मुझे लगता है कि अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। हमें सेम-सेक्स मैरिज और ट्रांसजेंडर अधिकारों की ज़रूरत है। बहुत से ट्रांस लोगों को कई बुनियादी अधिकारों की जरूरत है। मुझे लगता है कि भूमिका श्रेष्ठ के सांसद बनने से बहुत बड़ा फ़र्क पड़ेगा। यह साल का बहुत अच्छा समय है, नेपाल में हम सब जश्न मना रहे हैं और भविष्य को लेकर खुश व उत्साहित हैं।''

मुझे लगता है, धीरे-धीरे बदलाव आएगा- संस्कृति पांडे

भारी बहुमत वाली नई सरकार द्वारा इस अहम उपलब्धि के बावजूद, अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने नाचते-गाते हुए सरकार और समाज से समान अधिकारों की मांग करते हुए नारे लगाए। परेड में शामिल एक और व्यक्ति, संस्कृति पांडे ने बताया कि ''सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ़ दिखावा होगा या सच में काम करेगा। क्या यह सिर्फ़ नाम के लिए होगा या असल में असरदार होगा। मुझे थोड़ी उम्मीद है, मैं यह नहीं कहूंगी कि मुझे बहुत ज़्यादा उम्मीद है, लेकिन मुझे लगता है कि धीरे-धीरे बदलाव आएगा। 

जून के दूसरे शनिवार को नेपाल में मनाया जाता है प्राइड डे

प्राइड डे का मतलब खास तौर पर उस दिन से है, जब प्राइड परेड होती है। जहां प्राइड परेड एक सार्वजनिक रैली और जश्न है, वहीं प्राइड डे उस दिन को दर्शाता है, जब यह आयोजन होता है। नेपाल में, प्राइड डे जून के दूसरे शनिवार को मनाया जाता है। वहीं, पूरे जून महीने को दुनिया भर में प्राइड मंथ के तौर पर मनाया जाता है।

समलैंगिक विवाह और बच्चों को गोद लेने को मान्यता देने की मांग

यौन अल्पसंख्यकों ने समलैंगिक विवाह और बच्चों को गोद लेने के मुद्दे को कानूनी मान्यता देने की मांग जारी रखी है। सितंबर 2015 में लागू हुए नेपाल के नए संविधान में यौन अल्पसंख्यकों के लिए एक विशेष प्रावधान है, लेकिन यह समूह इसे पूरी तरह से लागू करने की मांग कर रहा है।

दस्तावेज हासिल करने में बड़ी बाधा

नेपाल के हाशिए पर मौजूद यौन और जेंडर अल्पसंख्यक समुदायों ने लंबे समय से अपने जेंडर के तौर पर 'अन्य' के साथ नागरिकता प्रमाण पत्र प्राप्त करने के अधिकार की मांग की है। हालांकि, मौजूदा नागरिकता कानूनों और नियमों में अस्पष्टता के कारण ऐसे दस्तावेज़ हासिल करने में बड़ी बाधाएं आई हैं।

नागरिकता के अधिकार की मांग को लेकर लगाए नारे

मौजूदा प्रशासनिक प्रावधानों के तहत यौन और जेंडर अल्पसंख्यकों को अपनी जेंडर पहचान या यौन रुझान को साबित करने के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट या प्रमाणित डॉक्टरों से सत्यापन जमा करना पड़ता है। इस साल की प्राइड परेड में शामिल लोगों ने समान व्यवहार, मौलिक अधिकारों तक पूरी पहुंच और बिना भेदभाव के नागरिकता प्राप्त करने के अधिकार की मांग करते हुए नारे भी लगाए।