शेख हसीना के बेटे सजीद वाजेद ने 5 अगस्त 2024 की घट

शेख हसीना के बेटे सजीद वाजेद का बड़ा बयान, बोले- 5 अगस्त लोकतंत्र संकट की गंभीर याद; अवामी लीग बहाल करेगी लोकतंत्र

Former adviser and son of ousted Bangladesh Prime Minister Sheikh Hasina, Sajeeb Wazed

ढाका (बांग्लादेश)। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के वर्चुअल संबोधन से ठीक पहले उनके बेटे और पूर्व सलाहकार सजीद वाजेद ने 5 अगस्त की घटना को राजनीतिक अस्थिरता की गंभीर याद बताया है। साल 2024 में छात्रों के जन-विद्रोह के बाद हसीना के सत्ता से बेदखल होने की दूसरी बरसी के मौके पर बुधवार को आए इस बयान में कहा गया है कि बांग्लादेश अवामी लीग देश में लोकतंत्र, शांति और विकास बहाल करने के लिए काम करती रहेगी।

5 अगस्त को बताया देश की अस्थिरता का प्रतीक

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट साझा करते हुए सजीद वाजेद ने लिखा, "प्रिय देशवासियों, आज 5 अगस्त का दिन इस बात की एक गंभीर याद दिलाता है कि जब चरमपंथी ताकतें, सत्ता के भूखे तत्वों और बांग्लादेश विरोधी हितों की मदद से राष्ट्रीय अनिश्चितता के पलों का फायदा उठाने में सफल हो जाती हैं, तो कोई भी देश कैसे अस्थिरता के दौर में उतर सकता है।"

घरेलू और विदेशी साजिशों का लगाया गंभीर आरोप

वाजेद ने आरोप लगाया कि 5 अगस्त 2024 की घटनाएं घरेलू और विदेशी साजिशों के मेल का परिणाम थीं, जिसने बांग्लादेश की लोकतांत्रिक निरंतरता को बाधित कर दिया। वाजेद ने कहा कि हमारा मानना है कि 2024 में इसी दिन घरेलू और विदेशी साजिशों के संयोजन ने बांग्लादेश की लोकतांत्रिक निरंतरता को गंभीर रूप से बाधित किया। हमारी नजर में, इसके परिणाम राजनीतिक अस्थिरता से कहीं आगे तक फैले हुए हैं, जिससे राज्य के लगभग हर क्षेत्र में दीर्घकालिक चुनौतियां पैदा हो गई हैं।

राजनीतिक संकट से अर्थव्यवस्था और समाज पर गहरा असर

राजनीतिक उथल-पुथल के बाद देश के सामने आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था का बिगड़ना, जानमाल का नुकसान, आर्थिक आत्मविश्वास में गिरावट, विदेशी निवेश में ठहराव, व्यापारिक गतिविधियों में कमी और किसानों, श्रमिकों, शिक्षकों, लोक सेवकों तथा छात्रों को पेश आ रही कठिनाइयां बड़ी चिंता का विषय बन गई हैं।

स्वास्थ्य व्यवस्था और शासन पर भी उठाए सवाल

उन्होंने आगे कहा कि हमने देश की सार्वजनिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली के भीतर भी बढ़ती हुई चुनौतियों को देखा है। ये संकट इस बात को रेखांकित करते हैं कि लोकतांत्रिक स्थिरता, जवाबदेह शासन और मजबूत राज्य संस्थान कितने अनिवार्य हैं। जुलाई और अगस्त 2024 के दौरान हुई हिंसा में अपनी जान गंवाने वाले लोगों को याद करते हुए वाजेद ने पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

हिंसा में मारे गए लोगों को दी श्रद्धांजलि

उन्होंने कहा कि हम जुलाई और अगस्त 2024 की देशव्यापी हिंसा के दौरान अपनी जान गंवाने वाले सभी राजनीतिक कार्यकर्ताओं, पुलिस के सदस्यों और अनगिनत निर्दोष नागरिकों को गहरे सम्मान के साथ याद करते हैं। गंवाई गई हर एक जिंदगी एक त्रासदी थी, और हर शोक संतप्त परिवार हमारी गहरी सहानुभूति का हकदार है। वाजेद ने कहा कि उन्हें बांग्लादेश के लोगों के लचीलेपन पर पूरा भरोसा है और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अवामी लीग, जिस पर देश में किसी भी राजनीतिक गतिविधि में भाग लेने पर प्रतिबंध है, लोकतंत्र और राष्ट्रीय प्रगति को बहाल करने के अपने प्रयास जारी रखेगी।

अवामी लीग के लोकतंत्र बहाली के संकल्प को दोहराया

उन्होंने कहा कि इतिहास ने बार-बार यह दिखाया है कि इस देश के लोगों ने लोकतंत्र, विकास, धर्मनिरपेक्ष मूल्यों और राष्ट्रीय प्रगति के लिए दृढ़ता से खड़े होने का काम किया है। बांग्लादेश अवामी लीग लोकतंत्र, शांति, विकास और समृद्धि के मार्ग को बहाल करने के लिए लोगों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगी। वाजेद ने आगे कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि राष्ट्रीय एकता, धैर्य और हमारे नागरिकों की सामूहिक ताकत के माध्यम से, बांग्लादेश एक बार फिर स्थिरता, विकास और साझा समृद्धि की ओर आगे बढ़ेगा।

हसीना के वर्चुअल संबोधन से पहले आया बयान

पूर्व सलाहकार ने एक शांत, लोकतांत्रिक, समृद्ध और दयालु बांग्लादेश के निर्माण के लिए नए प्रयासों का आह्वान करते हुए अपना संदेश समाप्त किया, जहां न्याय की जीत हो और संस्थाएं मजबूत बनी रहें। उनकी ये टिप्पणियां राष्ट्रीय राजधानी (नई दिल्ली) में दक्षिण एशिया के फॉरेन करस्पॉन्डेंट्स क्लब (एफसीसी) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में हसीना के प्रस्तावित वर्चुअल संबोधन से पहले आई हैं, जो उन्हें सत्ता से बेदखल किए जाने के दो साल पूरे होने पर हो रहा है और जिसके कारण बांग्लादेश के पूरे राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव आया था।

2024 के सत्ता परिवर्तन से बदला बांग्लादेश का राजनीतिक परिदृश्य

देश के पूरे राजनीतिक ढांचे में भारी फेरबदल का कारण बनने वाले छात्रों के एक बड़े जन-विद्रोह के बाद, शेख हसीना को 5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश से बाहर कर दिया गया था। उनके सत्ता से बेदखल होने के बाद, इस साल फरवरी में चुनाव होने से पहले मोहम्मद यूनुस ने अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के रूप में कार्यभार संभाला था। इस चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) विजयी रही और इसके अध्यक्ष तारिक रहमान को नया प्रधानमंत्री चुना गया। (भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

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