सऊदी अरब ने भी कहा है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्र

सऊदी अरब ईरान के खिलाफ नहीं होने देगा अपने क्षेत्र का इस्तेमाल

फाइल फोटो

रियाद। सऊदी अरब ने भी कहा है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए किसी भी देश को वह अपने हवाई क्षेत्र या जमीन के इस्तेमाल की अनुमति नहीं देगा। इसके पहले संयुक्त अरब अमीरात ने भी अमेरिका को झटका दे चुका है। उल्लेखनीय है कि ईरान से टकराव के बीच अमेरिकी जंगी जहाज और युद्धपोत मिडिल ईस्ट में एंट्री कर चुके हैं। इससे क्षेत्र में खलबली मच गई है।

सऊदी ने ईरान को दिया सुरक्षा और सहयोग का दिया भरोसा

इस संबंध में सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने फोन पर ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से बात की है। सऊदी अरब ने ईरान को आश्वासन दिया कि वह अपने क्षेत्र को अपने क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ किसी भी सैन्य हमले के लिए लॉन्चपैड के रूप में इस्तेमाल नहीं होने देगा। सऊदी प्रेस एजेंसी (एसपीएस) के अनुसार, क्राउन प्रिंस ने मंगलवार देर रात ईरानी राष्ट्रपति से बात की।

किसी भी कीमत पर लॉन्चपैड नहीं बनेगा सऊदी अरब

बातचीत के दौरान सऊदी अरब ने ईरान की संप्रभुता के सम्मान को लेकर अपने रुख की पुष्टि की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सऊदी अरब अपने हवाई क्षेत्र या जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ किसी भी पक्ष द्वारा किए जाने वाले हमले के लिए, चाहे उसका लक्ष्य कहीं भी हो, अनुमति नहीं देगा।

क्षेत्रीय स्थिरता के लिए तटस्थ रहने का किया ऐलान

इससे पहले यूएई के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि उनका देश अपने हवाई क्षेत्र, जमीन या समंदर का उपयोग ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई के लिए नहीं होने देगा। मंत्रालय ने क्षेत्रीय स्थिरता और तटस्थता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

अब्राहम लिंकन स्ट्राइक ग्रुप की तैनाती से बढ़ी हलचल

दरअसल, ईरान के खिलाफ अमेरिका की संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर और वॉरशिप मिडिल ईस्ट में पहुंच चुका है। अमेरिकी नेवी का अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप सोमवार को अमेरिकी सेंट्रल कमांड के इलाके में पहुंचा।

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