SCO की दुशान्बे बैठक में आर्थिक सहयोग और निवेश परियोजनाओं की समीक्षा, डिजिटल ट्रांसपोर्ट प्लेटफॉर्म पर चर्चा
दुशान्बे (ताजिकिस्तान)। शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सदस्य देशों ने दुशान्बे में आयोजित शासनाध्यक्ष परिषद की 25वीं बैठक के दौरान आर्थिक सहयोग, निवेश परियोजनाओं और प्रस्तावित डिजिटल ट्रांसपोर्ट प्लेटफॉर्म की समीक्षा की। ताजिकिस्तान के प्रधानमंत्री कोहिर रसूलजोदा ने मंगलवार को बैठक के बाद इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चर्चा का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करना, सांस्कृतिक एवं मानवीय सहयोग का विस्तार करना और संयुक्त पहलों को बढ़ावा देना था।
सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर
प्रधानमंत्री कोहिर रसूलजोदा ने कहा कि बैठक में सदस्य देशों के बीच सहयोग तंत्र को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने बताया कि ताजिकिस्तान की अध्यक्षता के दौरान SCO के अंतर्गत 30 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन प्रयासों का उद्देश्य व्यापार, अर्थव्यवस्था, संस्कृति और मानवीय सहयोग के क्षेत्रों में सदस्य देशों के बीच समन्वय बढ़ाना था।
रसूलजोदा ने कहा, "SCO शासनाध्यक्षों की बैठक के दौरान, मुख्य प्रयास व्यापारिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और मानवीय सहयोग को विकसित करने, संयुक्त पहलों को बढ़ावा देने और सदस्य देशों के बीच सहयोग तंत्र को बेहतर बनाने पर केंद्रित थे।"
2026-2030 की व्यापार कार्ययोजना पर विचार
बैठक में व्यापार और आर्थिक सहयोग के लिए 2026-2030 की कार्ययोजना पर विचार किया गया। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय परिवहन के विकास के लिए SCO डिजिटल प्लेटफॉर्म स्थापित करने की अवधारणा पर चर्चा हुई। सदस्य देशों ने निवेश और सहयोग से जुड़ी परियोजनाओं का डेटाबेस तैयार करने से संबंधित दस्तावेज पर भी विचार किया। इन मुद्दों को संगठन के भीतर आर्थिक और व्यावसायिक सहयोग को आगे बढ़ाने के प्रयासों के हिस्से के रूप में प्रस्तुत किया गया।
AI, डिजिटल अर्थव्यवस्था और स्टार्टअप पर भी चर्चा
SCO की बैठक में औद्योगिक और व्यावसायिक सहयोग के साथ परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स से जुड़े मुद्दे भी शामिल रहे। प्रतिभागियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), अर्थव्यवस्था के डिजिटलीकरण और स्टार्टअप को समर्थन देने जैसे विषयों पर चर्चा की। इसके अलावा, एकाधिकार-विरोधी नीति यानी एंटीट्रस्ट के क्षेत्र में सहयोग बेहतर बनाने पर भी विचार किया गया।
WTO के नियमों पर आधारित व्यापार व्यवस्था की वकालत
कोहिर रसूलजोदा ने बताया कि बैठक में विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों पर आधारित खुली, समावेशी और भेदभाव-रहित व्यापारिक एवं आर्थिक व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। सदस्य देशों ने व्यापारिक संबंधों को विकसित करने और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया।
रसूलजोदा ने कहा, "प्रतिभागियों ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों पर आधारित एक खुली, समावेशी और भेदभाव-रहित व्यापारिक एवं आर्थिक प्रणाली को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।"
परिवहन, ऊर्जा और कृषि समेत कई क्षेत्रों पर फोकस
बैठक में अंतरराष्ट्रीय रेल परिवहन, ऊर्जा और कृषि से जुड़े मुद्दों पर भी विशेष ध्यान दिया गया। इसके अलावा, पर्यटन, स्वास्थ्य सेवा और वैज्ञानिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। सदस्य देशों ने सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण को भी महत्वपूर्ण विषय के रूप में शामिल किया। इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा SCO शासनाध्यक्ष परिषद की बैठक के दौरान की गई। (Source: ANI)
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