अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम अपने निधन से पहले सऊद

निधन से पहले सऊदी-इज़राइल समझौते की कोशिशों में जुटे थे, अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम

Senator Lindsey Graham

वॉशिंगटन डीसी,(अमेरिका)। दक्षिण कैरोलिना से रिपब्लिकन सीनेटर और अमेरिकी राजनीति के प्रभावशाली नेता लिंडसे ग्राहम का शनिवार देर रात 71 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके कार्यालय ने बताया कि उनकी मृत्यु धमनियों के सख्त होने से जुड़ी हृदय संबंधी बीमारी के कारण हुई।

सऊदी अरब और इज़राइल के बीच संबंध सामान्य बनाने के लिए महत्वपूर्ण पहल

अमेरिकी मीडिया संस्थान एक्सियोस की एक रिपोर्ट के अनुसार, वरिष्ठ अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम अपने निधन से पहले के अंतिम हफ्तों में सऊदी अरब और इज़राइल के बीच संबंध सामान्य बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार, ग्राहम का मानना था कि सऊदी अरब और इज़राइल के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध स्थापित होना पश्चिम एशिया में दीर्घकालिक स्थिरता और युद्धोत्तर व्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से इस प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा

बताया गया है कि हाल के सप्ताहों में उन्होंने अमेरिकी दूत जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ के साथ तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से इस प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा की थी। ग्राहम का विश्वास था कि यह समझौता क्षेत्रीय तनाव कम करने और भविष्य में शांति कायम रखने में अहम भूमिका निभा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, ग्राहम कई वर्षों से इस दिशा में काम कर रहे थे और पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में भी इस पहल को आगे बढ़ाने की कोशिश करते रहे।

शनिवार शाम ग्राहम ने डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत की

रिपोर्ट में उनके जीवन के अंतिम घंटों का भी उल्लेख किया गया है। बताया गया कि शनिवार शाम उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत की, जिसमें यूक्रेन की स्थिति, रूस पर प्रतिबंधों और ईरान से जुड़े हालात पर चर्चा हुई। इसी दौरान ट्रंप ने उन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य में एक हमले के बाद ईरान के खिलाफ संभावित अमेरिकी जवाबी कार्रवाई की जानकारी भी दी। बातचीत के कुछ समय बाद ग्राहम ने अस्वस्थ महसूस करने की बात कही, लेकिन तत्काल अस्पताल जाने से इनकार कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा था कि निर्धारित टीवी कार्यक्रम के बाद वह स्वास्थ्य जांच कराएंगे। इसके कुछ ही घंटों बाद उनका निधन हो गया। (एएनआई)

यह भी पढ़ेंः 2030 तक भारत का रक्षा पूंजीगत व्यय 2.8 ट्रिलियन रुपये पहुंचने का अनुमान