पाकिस्तान में बुधवार को ईद-उल-अज़हा मनाई गई। वहीं

ईद पर भी प्यासा रहा कराची: पानी की भारी किल्लत से हाहाकार, बूंद-बूंद को तरसे लोग

Severe Water Crisis Paralyzes Karachi City on Eid-ul-Azha

कराची (पाकिस्तान)। पाकिस्तान में बुधवार को ईद-उल-अज़हा मनाई गई। वहीं इसके आर्थिक केंद्र कराची में लाखों लोग बढ़ते जल संकट से जूझते रहे। यह संकट अब दूसरे महीने में प्रवेश कर चुका है, जिसने शहर के बुनियादी ढांचे की कमियों को उजागर किया है। शहर की बिगड़ती शहरी सेवाओं को लेकर लोगों में भारी निराशा पैदा कर दी है।

आपूर्ति बाधित, निजी टैंकर बने लोगों का सहारा

स्थानीय मीडिया 'डॉन' के अनुसार पानी की आपूर्ति में लंबे समय से आ रही रुकावटों के कारण महानगर का एक बड़ा हिस्सा महंगे निजी टैंकरों पर निर्भर हो गया है। यह ऐसे समय में हुआ है जब बकरीद के त्योहार के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों, साफ-सफाई और जानवरों की देखभाल के लिए पानी की मांग पारंपरिक रूप से बढ़ जाती है। मार्च के अंत में शुरू हुआ यह संकट बार-बार बिजली गुल होने, ट्रांसमिशन लाइनें टूटने, भूमिगत रिसाव और कराची जल और सीवरेज निगम (KWSC) से जुड़े प्रमुख पंपिंग स्टेशनों पर परिचालन संबंधी विफलताओं के कारण और गहरा गया है।

घनी आबादी वाले इलाकों में हालात सबसे ज्यादा खराब

ल्यारी, ओरंगी, कोरंगी और मलिर जैसे घनी आबादी वाले इलाकों के लोग हफ्तों से सूखे नलों का सामना कर रहे हैं, जबकि पानी के टैंकरों के लिए इंतज़ार का समय बढ़कर 10 दिन तक पहुंच गया है। इस बीच, कई इलाकों में निजी पानी के टैंकरों की कीमतें दोगुनी हो गई हैं। इससे कम आय वाले उन परिवारों पर और अधिक आर्थिक बोझ पड़ रहा है जो पहले से ही महंगाई और बढ़ती उपयोगिता लागतों से जूझ रहे हैं।

के-इलेक्ट्रिक पर ठीकरा, लोगों की शिकायतें जारी

KWSC के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अहमद अली ने कहा कि ईद के दौरान पानी की सामान्य आपूर्ति बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आपूर्ति में आ रही कई रुकावटों के लिए 'के-इलेक्ट्रिक' (K-Electric) के कारण होने वाली बिजली की विफलताओं को ज़िम्मेदार ठहराया। हालांकि, क्लिफ्टन, DHA, गुलशन-ए-इकबाल और नॉर्थ नाज़िमाबाद जैसे इलाकों के लोगों ने आधिकारिक आश्वासनों के बावजूद पानी की भारी कमी की शिकायत की।

पुराना ढांचा और बढ़ती मांग ने बढ़ाई राजनीतिक बहस

पानी की इस कमी ने सिंध विधानसभा और कराची मेट्रोपॉलिटन कॉर्पोरेशन के भीतर भी राजनीतिक आलोचना को जन्म दिया है। यहां विपक्षी दलों ने प्रांतीय अधिकारियों पर बार-बार संकट आने के बावजूद शहर के पुराने हो चुके बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण करने में विफल रहने का आरोप लगाया है। कराची को वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 650 मिलियन गैलन पानी मिलता है, जबकि अनुमानित मांग 1,250 मिलियन गैलन से अधिक है। यह आंकड़ा शहर में पानी की आपूर्ति और मांग के बीच मौजूद भारी अंतर को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। (ANI)

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