वॉशिंगटन और तेहरान के बीच कूटनीतिक गतिरोध में एक अ

ईरान-अमेरिका तनाव में नरमी के संकेत, पाकिस्तान के जरिए भेजा शांति प्रस्ताव

Signs of Breakthrough in US-Iran Tensions as Peace Proposal Emerges

इस्लामाबाद (पाकिस्तान)। पश्चिम एशिया के संघर्ष को सुलझाने के लिए क्षेत्रीय मध्यस्थता के प्रयास तेज हो रहे हैं। इसी बीच ऐसी खबरें सामने आई है कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच कूटनीतिक गतिरोध में एक अहम प्रगति हुई है। यह प्रगति दोनों देशों के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत के जरिए स्थायी युद्धविराम सुनिश्चित करने की कोशिशों के बाद सामने आई है।

अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर सकारात्मक संकेत

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर ARY न्यूज के चेयरमैन कमरान खान ने बातचीत को लेकर बढ़ती सकारात्मकता पर जोर दिया। उन्होंने लिखा, "सूत्रों के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष शांति वार्ता को लेकर उत्साहजनक संकेत मिल रहे हैं और कूटनीतिक प्रयास लगातार आगे बढ़ रहे हैं। अब हम उस स्थिति में पहुंच गए हैं जहां हमें सुरंग के अंत में रोशनी दिखाई दे रही है।" इस्लामाबाद में यह आशावाद ऐसे समय पर सामने आया है जब क्षेत्रीय तनाव कम करने के लिए एक अहम कूटनीतिक कदम उठाया गया है। खबर है कि ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को एक नया प्रस्ताव भेजा है।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का प्रस्ताव

Axios के मुताबिक इस प्रस्ताव का मकसद हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना और संघर्ष को खत्म करना है। वहीं, ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत को बाद के लिए टालने की बात कही गई है। यह प्रस्ताव तब आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान बातचीत के लिए संपर्क कर सकता है। यह संघर्ष 28 फरवरी को इजराइल और अमेरिका के संयुक्त सैन्य हमलों के बाद शुरू हुआ था।

ट्रंप का बयान- बातचीत के लिए ईरान कर सकता है संपर्क

ट्रंप ने अपने खास अंदाज में कूटनीति पर बात करते हुए फॉक्स न्यूज के एक इंटरव्यू में कहा, "अगर वे बात करना चाहते हैं तो हमारे पास आ सकते हैं या हमें कॉल कर सकते हैं।" उन्होंने उम्मीद जताई कि यह संघर्ष बहुत जल्द खत्म हो सकता है। उन्होंने आगे कहा कि ईरान के कुछ प्रतिनिधि समझदारी दिखा रहे हैं, जबकि कुछ नहीं।

ईरान ने पाकिस्तान के जरिए भेजा संदेश

ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक विदेश मंत्री अब्बास अराघची की हालिया यात्रा के दौरान तेहरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को लिखित संदेश भेजे। इन संदेशों में क्षेत्रीय स्थिति और ईरान की "रेड लाइन्स" को स्पष्ट किया गया, खासतौर पर परमाणु मुद्दों और हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर।

ऊर्जा संकट कम करने और तनाव घटाने पर फोकस

Axios के मुताबिक, इस प्रस्ताव का मुख्य फोकस इस रणनीतिक समुद्री मार्ग और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी से जुड़े तनाव को कम करना है। प्रस्ताव में हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने, वैश्विक ऊर्जा संकट को कम करने और युद्ध को लंबे युद्धविराम या स्थायी रूप से समाप्त करने की बात शामिल है।

परमाणु मुद्दे को फिलहाल टालने की रणनीति

इस योजना में यह भी कहा गया है कि परमाणु मुद्दों पर बातचीत तब तक टाल दी जाए जब तक जलमार्ग पूरी तरह से खुल नहीं जाता और ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी हट नहीं जाती। Axios के मुताबिक, व्हाइट हाउस को यह दस्तावेज मिल चुका है लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप प्रशासन इस प्रस्ताव पर विचार करेगा या नहीं। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ओलिविया वेल्स ने कहा कि प्रशासन इस तरह के संवेदनशील कूटनीतिक मामलों पर मीडिया में चर्चा नहीं करेगा। उन्होंने दोहराया कि "राष्ट्रपति के अनुसार, अमेरिका मजबूत स्थिति में है और वही समझौता करेगा जो अमेरिकी लोगों के हित में हो। ईरान को कभी परमाणु हथियार नहीं बनाने देगा।"

रुकी हुई वार्ता के बीच नई पहल

ये घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आए हैं जब पहले की बातचीत ठप पड़ती दिख रही थी। नई पहल उस समय आई है जब ट्रंप ने हाल ही में अपने विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जैरेड कुशनर की पाकिस्तान यात्रा रद्द कर दी थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह दौरा अराघची के इस्लामाबाद से रवाना होने के बाद रद्द किया गया। ट्रंप ने कहा कि मौजूदा हालात में 18 घंटे की उड़ान का कोई मतलब नहीं है और यात्रा में बहुत समय बर्बाद हो रहा था।

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