SpaceX की US मोबाइल मार्केट में एंट्री की तैयारी, 15,000 नेक्स्ट-जेनरेशन सैटेलाइट लॉन्च करने की योजना
वॉशिंगटन DC (अमेरिका)। SpaceX अपने सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क स्टारलिंक को अमेरिका में बड़े मोबाइल कैरियर के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। कंपनी ने लो-बैंड स्पेक्ट्रम लाइसेंस हासिल करने के लिए समझौते की घोषणा की है और 15,000 नेक्स्ट-जेनरेशन सैटेलाइट तैनात करने की योजना बनाई है। SpaceX के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य अमेरिका में मोबाइल कनेक्टिविटी का विस्तार करना और उन क्षेत्रों तक सेवाएं पहुंचाना है, जहां पारंपरिक सेलुलर नेटवर्क की पहुंच सीमित है।
800 MHz बैंड में स्पेक्ट्रम हासिल करने का समझौता
SpaceX ने 800 MHz बैंड में 14 मेगाहर्ट्ज़ तक के पेयर्ड स्पेक्ट्रम वाले लो-बैंड स्पेक्ट्रम लाइसेंस का देशव्यापी पोर्टफोलियो हासिल करने के समझौते की घोषणा की है। कंपनी का कहना है कि यह स्पेक्ट्रम स्टारलिंक मोबाइल की कवरेज बढ़ाने और मौजूदा तकनीकी सीमाओं को दूर करने में मदद करेगा।
कंपनी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “हमने लो-बैंड स्पेक्ट्रम लाइसेंस का देशव्यापी पोर्टफोलियो हासिल करने के समझौते की घोषणा की है, जो @Starlink के लिए अमेरिका में एक बड़ा मोबाइल कैरियर बनने का रास्ता साफ करेगा।” हालांकि, इस अधिग्रहण समझौते को फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) की अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है।
मौजूदा सैटेलाइट नेटवर्क के साथ काम करेगा नया स्पेक्ट्रम
SpaceX के मुताबिक, नया लो-बैंड स्पेक्ट्रम उसके मौजूदा 2 GHz मिड-बैंड स्पेक्ट्रम और सैटेलाइट नेटवर्क के साथ मिलकर काम करेगा। इससे शहरों, ग्रामीण क्षेत्रों और सीमित सेलुलर कवरेज वाले इलाकों में मोबाइल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
कंपनी ने बताया कि लो-बैंड स्पेक्ट्रम मोबाइल सिग्नल को दीवारों जैसी बाधाओं से गुजरने में मदद कर सकता है। इससे इमारतों के अंदर भी मोबाइल सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। SpaceX के अनुसार, ज्यादातर मौजूदा मोबाइल डिवाइस पहले से ही 800 MHz बैंड को सपोर्ट करते हैं।
FCC ने 15,000 Gen2 सैटेलाइट को दी मंजूरी
एक अलग घटनाक्रम में, FCC ने स्टारलिंक मोबाइल के Gen2 कॉन्स्टेलेशन एप्लिकेशन को मंजूरी दे दी है। इसके तहत SpaceX को दुनिया भर में 2 GHz स्पेक्ट्रम के लिए ऑप्टिमाइज़ किए गए 15,000 सैटेलाइट लॉन्च करने की अनुमति मिल गई है।
SpaceX ने कहा कि उसके नेक्स्ट-जेनरेशन V2 स्टारलिंक मोबाइल सैटेलाइट मौजूदा पीढ़ी की तुलना में 100 गुना अधिक बैंडविड्थ प्रदान करेंगे। कंपनी के मुताबिक, ये सैटेलाइट बिना किसी बदलाव वाले मोबाइल डिवाइस को सीधे हाई-स्पीड कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने में सक्षम होंगे।
घर के अंदर और दूरदराज के इलाकों में मिलेगी कनेक्टिविटी
SpaceX की प्रस्तावित नेटवर्क योजना में सैटेलाइट कनेक्टिविटी को जमीनी इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ जोड़ा जाएगा। कंपनी का कहना है कि इससे यूजर्स घर के अंदर, बाहर और उन क्षेत्रों में भी मोबाइल सेवाओं का इस्तेमाल कर सकेंगे, जहां पारंपरिक सेलुलर नेटवर्क की पहुंच सीमित है।
कंपनी ने यह भी बताया कि FCC ने उसके V3 ब्रॉडबैंड सैटेलाइट्स में इस्तेमाल होने वाले सभी बैकहॉल बैंड्स को मंजूरी दे दी है। इससे ये सैटेलाइट मौजूदा स्टारलिंक गेटवे नेटवर्क के साथ काम कर सकेंगे।
मोबाइल कनेक्टिविटी के विस्तार पर SpaceX का फोकस
SpaceX के अनुसार, स्पेक्ट्रम समझौता और नेक्स्ट-जेनरेशन सैटेलाइट तैनाती की योजना उसकी सैटेलाइट-आधारित सेवाओं को मोबाइल कनेक्टिविटी तक विस्तारित करने की रणनीति का हिस्सा हैं। कंपनी का लक्ष्य घनी आबादी वाले शहरों से लेकर दूरदराज के इलाकों तक रहने वाले अमेरिकियों को भरोसेमंद कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है। (Source: ANI)
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