अमेरिका के सैन्य अखबार Stars and Stripes के 3 शीर्

अमेरिकी सैन्य अखबार 'स्टार्स एंड स्ट्राइप्ड्स' के संपादक और पत्रकार बर्खास्त, स्वतंत्र पत्रकारिता पर बढ़ा विवाद

Representative Image

वॉशिंगटन (अमेरिका)। वॉशिंगटन में अमेरिकी 'युद्ध विभाग (Department of War)' के खिलाफ सैन्य अखबार 'स्टार्स एंड स्ट्राइप्ड्स' (Stars and Stripes) की संपादकीय स्वतंत्रता को लेकर विवाद और गहरा गया है। पेंटागन ने शुक्रवार को अखबार के प्रकाशक, प्रधान संपादक और मध्य-पूर्व संवाददाता को बर्खास्त कर दिया। आलोचकों ने इसे अमेरिकी सैन्य समाचार तंत्र पर सख्त सरकारी नियंत्रण की ओर बढ़ते कदम के तौर पर देखा है।

क्या है पूरा मामला?

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध विभाग ने Stars and Stripes के पब्लिशर मैक्स लेडरर, एडिटर-इन-चीफ एरिक स्लाविन और मिडिल ईस्ट कॉरेस्पॉन्डेंट लारा कोर्टे को शुक्रवार को टर्मिनेशन नोटिस थमा दिया। रिपोर्ट में वरिष्ठ पेंटागन अधिकारी और बर्खास्त किए गए पत्रकारों के हवाले से यह जानकारी दी गई है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब ईरान में जारी युद्ध के बीच युद्ध विभाग द्वारा सरकार से वित्त पोषित इस सैन्य अखबार की वैधानिक संपादकीय स्वतंत्रता को सीमित करने के प्रयासों पर सवाल उठ रहे हैं। आलोचकों के मुताबिक, ताजा बर्खास्तगी उसी व्यापक अभियान का हिस्सा है।

सैन्यकर्मियों की मुश्किलों पर रिपोर्टिंग बनी वजह

Stars and Stripes ने हाल के महीनों में सैन्यकर्मियों की गंभीर परेशानियों को लेकर कई खोजी रिपोर्ट प्रकाशित की थीं। इनमें अमेरिकी नौसेना के उन नाविकों की स्थिति भी सामने लाई गई थी, जिन्हें विमानवाहक पोत USS Abraham Lincoln पर 9 महीने तक विस्तारित तैनाती का सामना करना पड़ा। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, इन रिपोर्टों ने सैन्यकर्मियों की वास्तविक परिस्थितियों और उनके सामने मौजूद कठिनाइयों को प्रमुखता से उठाया था।

संपादक स्लाविन पर क्या आरोप लगाया गया

प्रधान संपादक एरिक स्लाविन ने बताया कि उनके टर्मिनेशन नोटिस में 'अनुशासनहीनता' (Insubordination) का हवाला दिया गया है। यह कार्रवाई जुलाई में CBS न्यूज को दिए गए एक इंटरव्यू के बाद हुई, जिसमें उन्होंने संपादकीय मामलों में कथित हस्तक्षेप पर बात की थी। स्लाविन पहले ही सार्वजनिक रूप से कह चुके थे कि अखबार को सरकारी जनसंपर्क का माध्यम बना देना एक ऐसी सीमा होगी, जिसे पार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने स्वतंत्र पत्रकारिता की आवश्यकता पर अपना रुख कायम रखा। युद्ध विभाग ने इन बर्खास्तगियों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

जनवरी से शुरू हुई थी संपादकीय पाबंदियों की कड़ी

ताजा कार्रवाई को अलग-थलग घटना के बजाय पिछले कई महीनों से बढ़ती संपादकीय पाबंदियों की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। जनवरी में पेंटागन ने लंबे समय से लागू उन नियमों को वापस ले लिया था, जो समाचारों के स्वतंत्र प्रवाह की गारंटी देते थे। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता सीन पार्नेल ने अखबार से "वोक डिस्ट्रक्शंस" से दूर जाने की मांग की थी। 

इसके बाद मार्च में पेंटागन के एक मेमो के जरिए Associated Press (AP) की वायर कॉपी को दोबारा प्रकाशित करने और कॉमिक्स छापने पर रोक लगा दी गई। रिपोर्ट के अनुसार, मेमो में यह भी कहा गया कि अखबार की सामग्री "good order and discipline" के अनुरूप होनी चाहिए।

अप्रैल में आंतरिक संपादकीय ओम्बड्समैन जैकलीन स्मिथ को भी नौकरी से हटा दिया गया था। स्मिथ ने युद्ध विभाग के कथित संपादकीय हस्तक्षेप की आलोचना की थी। उनकी बर्खास्तगी के बाद यह विवाद अमेरिकी संविधान के पहले संशोधन (First Amendment), यानी अभिव्यक्ति और प्रेस की स्वतंत्रता से जुड़े अधिकारों तक पहुंच गया। इस मामले में युद्ध विभाग के खिलाफ First Amendment मुकदमा भी शुरू हुआ है।

सैन्य प्रवक्ताओं की भूमिका बढ़ने से उठे सवाल

शुक्रवार को कैप्टन विलियम अर्बन ने एक पत्र प्रकाशित किया। अर्बन पेंटागन के पूर्व वरिष्ठ प्रवक्ता रह चुके हैं और हाल ही में उन्हें प्रकाशक के सैन्य डिप्टी के पद पर नियुक्त किया गया है। अपने पत्र में अर्बन ने स्वतंत्र संपादकीय रिपोर्टिंग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। हालांकि, अखबार के अनुभवी संपादकीय नेतृत्व को व्यवस्थित तरीके से हटाए जाने और उसके साथ सैन्य प्रवक्ताओं की नियुक्ति ने संपादकीय नियंत्रण को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

पूरे घटनाक्रम से यह संकेत मिलता है कि Stars and Stripes के संचालन में सैन्य प्रतिष्ठान की प्रत्यक्ष भूमिका बढ़ रही है। ऐसे में मूल सवाल केवल तीन पत्रकारों की बर्खास्तगी का नहीं, बल्कि उस संस्थागत स्वतंत्रता का है, जिसके तहत सरकार से वित्त पोषित होने के बावजूद सैन्य अखबार को स्वतंत्र खबरें प्रकाशित करने की भूमिका मिली हुई है।

राजनीतिक और संवैधानिक महत्व

Stars and Stripes पर बढ़ता दबाव अमेरिकी सरकार और सैन्य संस्थान के भीतर प्रेस की भूमिका को लेकर व्यापक बहस को सामने ला रहा है। एक ओर युद्ध विभाग 'अच्छी व्यवस्था और अनुशासन' जैसे सैन्य मानकों के अनुरूप सामग्री की बात कर रहा है, वहीं दूसरी ओर संपादकीय नेतृत्व स्वतंत्र रिपोर्टिंग को अपनी मूल जिम्मेदारी मान रहा है। यही टकराव मौजूदा विवाद को सामान्य प्रशासनिक फेरबदल से आगे ले जाता है। आलोचकों के लिए यह प्रेस की स्वतंत्रता और सरकारी नियंत्रण के बीच बढ़ती खींचतान का मामला है, जबकि रक्षा प्रतिष्ठान की ओर से बर्खास्तगियों पर फिलहाल कोई विस्तृत सार्वजनिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। ​(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

यह भी पढ़ें: अमेरिका से कथित तौर पर फरार भारतीय नागरिक कनाडा में गिरफ्तार, प्रत्यर्पण की तैयारी