नाटो महासचिव के दावे के बाद इटली में राजनीतिक बवाल

इटली के विदेश मंत्री ताजानी का दावा, ईरान के खिलाफ हमारे ठिकानों का इस्तेमाल नहीं हुआ

इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बात की

रोम: इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से टेलीफोन पर बातचीत की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इटली ने कभी भी किसी सैन्य अभियान में भाग नहीं लिया है और न ही ईरान के खिलाफ युद्ध कार्रवाई के लिए ठिकानों के उपयोग को अधिकृत किया है। ताजानी ने होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से खोलने का अनुरोध किया।

तेहरान में इतालवी दूतावास का खुलना संवाद का मजबूत संकेत

उन्होंने एक पोस्ट में कहा, "मैंने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से बात की। इटली ने कभी भी किसी सैन्य अभियान में भाग नहीं लिया है और न ही अमेरिका के साथ हुए समझौतों का कड़ाई से पालन करते हुए ईरान के खिलाफ युद्ध कार्रवाई के लिए ठिकानों के उपयोग को अधिकृत किया है। मैंने होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से खोलने का अनुरोध किया, जिससे अब भी अवरुद्ध सभी इतालवी मालवाहक जहाजों का आवागमन सुगम हो सके। तेहरान में इतालवी दूतावास का फिर से खुलना आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों की बहाली के संदर्भ में भी संवाद का एक मजबूत संकेत है।"

एपिक फ्यूरी के दौरान 2019-25 में कम हुई उड़ानों की संख्या

इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो ने बताया कि एपिक फ्यूरी के दौरान सिगोनेला और एवियानो में पारगमन करने वाली उड़ानों की संख्या 2019-2025 के वर्षों में उड़ानों की संख्या की तुलना में काफी कम थी। उन्होंने कहा, "जानकारी के लिए बता दें कि एपिक फ्यूरी के दौरान सिगोनेला और एवियानो में उड़ानों की संख्या 2025, 2024, 2023, 2022, 2021, 2020 और 2019 के वर्षों में उड़ानों की संख्या की तुलना में काफी कम थी। मैंने इन्हीं वर्षों के लिए सत्यापन किया है, लेकिन मैं इससे पहले के वर्षों का भी डेटा देख सकता था। ये रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़े हैं, जिनके सटीक आंकड़े हम उपलब्ध करा सकते हैं।"

नाटो महासचिव के बयान को लेकर ग़रीबाबादी ने इटली को घेरा

ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने कहा कि किसी तीसरे देश द्वारा किसी अन्य देश पर आक्रमण करने के लिए अपना क्षेत्र उपलब्ध कराना आक्रमण का कार्य माना जाता है। उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "ईरान पर हमले में इटली और रोमानिया के ठिकानों के इस्तेमाल के संबंध में नाटो महासचिव के बयानों से इन देशों की अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी बनती है। महासभा के प्रस्ताव 3314 के अनुसार, किसी तीसरे देश द्वारा किसी अन्य देश पर आक्रमण करने के लिए अपना क्षेत्र उपलब्ध कराना आक्रमण का कार्य माना जाता है।"

बाक़ाई ने भी इटली पर लगाया अमेरिका को मदद देने का आरोप

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाक़ाई ने कहा कि नाटो के महासचिव ने स्पष्ट रूप से इटली और रोमानिया का नाम लेकर ईरान के खिलाफ आक्रामकता में भाग लेने का आरोप लगाया है। यह विवाद तब शुरू हुआ, जब नाटो के महासचिव मार्क रूटे ने कहा कि रोम ने ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमलों के दौरान इटली में स्थित अमेरिकी ठिकानों से 500 अमेरिकी सैन्य विमानों को उड़ान भरने की अनुमति दी थी, जिससे इटली में राजनीतिक बवाल मच गया। पॉलिटिको की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार देर रात वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ बैठक से पहले फॉक्स न्यूज से बात करते हुए रूटे ने कहा, "एक के बाद एक देश, एक के बाद एक सहयोगी, ने अपने ठिकाने उपलब्ध कराए हैं। इसका मतलब है कि 4,000-5,000 के बीच विमान यूरोपीय ठिकानों से 'एपिक फ्यूरी' का समर्थन करने के लिए उड़ान भर रहे हैं।"

द्विपक्षीय संधि के तहत केवल रसद और तकनीकी उड़ानों को ही अनुमति

पॉलिटिको के अनुसार, इतालवी प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी की सरकार ने पहले कहा था कि इटली में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को नियंत्रित करने वाली द्विपक्षीय संधि के तहत आने वाली केवल रसद और तकनीकी उड़ानों को ही मध्य पूर्व जाने के लिए अपने हवाई अड्डों का उपयोग करने की अनुमति दी जाएगी।