फारस की खाड़ी में तनाव चरम पर, IRGC ने अमेरिकी ठिकानों को दी कड़ी चेतावनी
तेहरान। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने फारस की खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका को गंभीर चेतावनी जारी की है। IRGC ने कहा है कि यदि ईरानी जहाजों या टैंकरों पर किसी तरह का हमला हुआ, तो जवाब में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और जहाजों पर “भारी हमला” किया जाएगा।
मिसाइलें और ड्रोन “लॉक” पर होने का दावा
IRGC एयरोस्पेस फोर्स ने दावा किया है कि उसकी मिसाइलें और ड्रोन पहले से ही क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और नौसैनिक जहाजों को निशाना बना चुके हैं और केवल आदेश का इंतजार कर रहे हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव लगातार बढ़ रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य बना तनाव का केंद्र
यह पूरा विवाद उस रणनीतिक समुद्री मार्ग के आसपास केंद्रित है जिसे होर्मुज जलडमरूमध्य कहा जाता है, जो दुनिया के तेल व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां हाल के दिनों में अमेरिकी और ईरानी नौसैनिक गतिविधियों में टकराव की रिपोर्टें सामने आई हैं।
अमेरिका-ईरान टकराव में बढ़ती सैन्य कार्रवाई
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी सेना ने क्षेत्र में ईरानी टैंकरों और वाणिज्यिक जहाजों पर कार्रवाई की है, जिससे ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और बढ़ गया है। अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) के अनुसार, हाल ही में ओमान की खाड़ी में ईरानी ध्वज वाले दो तेल टैंकरों को भी निष्क्रिय किया गया, ताकि वे ईरानी बंदरगाह में प्रवेश न कर सकें।
ट्रंप का दावा और जवाबी कार्रवाई
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि अमेरिकी नौसेना के जहाजों पर हुए हमलों को विफल कर दिया गया और जवाबी कार्रवाई में ईरानी नौसेना के कई संसाधनों को नुकसान पहुंचा। रिपोर्ट के मुताबिक, 13 अप्रैल के बाद से क्षेत्र में अमेरिकी नाकाबंदी और सैन्य गतिविधियों के कारण कई वाणिज्यिक जहाजों का मार्ग बदला गया है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर भी असर पड़ रहा है।
स्थिति बेहद संवेदनशील
विश्लेषकों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता सैन्य तनाव किसी भी बड़े टकराव का कारण बन सकता है, क्योंकि यह क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है।
एएनआई ।
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