उसकेखिलाफ कानूनी शिकंजा इस साल 25 जून को तब और कस

अमेरिका एजेंसी एफबीआई ने एक भारतीय के खिलाफ जारी किया वारंट

वॉशिंगटन डीसी ( अमेरिका) । संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) ने भारतीय नागरिक मेजर सिंह के लिए 'वांटेड' नोटिस जारी किया है। उस पर एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठन में शामिल होने का आरोप है जो जबरन वसूली और हथियारों की तस्करी में लिप्त है।

जग्गू भगवानपुरिया संगठित अपराध समूह से जुड़ा था

एफबीआई ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर बताया कि सिंह कथित तौर पर "जग्गू भगवानपुरिया संगठित अपराध समूह" से जुड़े थे और उस पर "जबरन वसूली से प्रभावित भ्रष्ट संगठनों की साजिशों; बिना लाइसेंस के हथियारों की तस्करी के कारोबार में शामिल होने की साजिश; प्रतिबंधित पदार्थों के वितरण और वितरण के इरादे से कब्जे की साजिश; और प्रतिबंधित पदार्थों के वितरण" का आरोप है। एफबीआई के बयान में आगे कहा गया है, "यह संगठन, जगग्गू भगवानपुरिया संगठित अपराध समूह, भारत के पंजाब राज्य में उत्पन्न हुआ और कैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट और अन्य जगहों पर सक्रिय था।"

वैश्विक गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई का हिस्सा है वारंट

उसके चारों ओर कानूनी शिकंजा इस साल 25 जून को तब और कस गया, जब कैलिफोर्निया के लॉस एंजिल्स स्थित सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ऑफ कैलिफोर्निया की संयुक्त राज्य जिला अदालत में उसके खिलाफ संघीय गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया। उन पर रैकेटियर इन्फ्लुएंस एंड करप्ट ऑर्गेनाइजेशन्स कॉन्सपिरेसी और बिना लाइसेंस के आग्नेयास्त्रों के कारोबार में शामिल होने की साजिश का आरोप लगाया गया था। यह घटना जुलाई में एफबीआई द्वारा भारत से जुड़े एक आपराधिक गिरोह के कथित सदस्य को अपनी मोस्ट वांटेड सूची में डालने के कुछ ही समय बाद घटी है। संघीय एजेंसी ने नीतीश कौशल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें "जग्गू भगवानपुरिया संगठित अपराध समूह (ओसीजी)" का संदिग्ध सहयोगी बताया है। यह कार्रवाई भारत से उत्पन्न होने वाले वैश्विक गिरोहों पर अमेरिका की कड़ी कार्रवाई का हिस्सा है।

गिरोह ने सीमा पार कई अपराध किए

अमेरिकी जांचकर्ताओं के अनुसार, कौशल को "भगवानपुरिया ओसीजी" से संदिग्ध संबंधों के कारण वांछित किया जा रहा है, जिसे अधिकारी "एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठन" बताते हैं, जिसकी उत्पत्ति पंजाब, भारत में हुई और जो कैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट और अन्य जगहों पर सक्रिय है। अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों का आरोप है कि इस गिरोह ने सीमाओं के पार कई तरह के हिंसक अपराधों को अंजाम दिया है। एफबीआई ने कहा है कि यह नेटवर्क "हत्या, अपहरण, मादक पदार्थों की तस्करी, जबरन वसूली, हथियारों की तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी" में बड़े पैमाने पर शामिल है। यह नवीनतम कार्रवाई ट्रंप 2.0 के तहत तीन संगठित अपराध समूहों के कथित सदस्यों और सहयोगियों के खिलाफ समन्वित प्रवर्तन उपायों के प्रयासों का हिस्सा है। (एएनआई)

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