होर्मुज जलडमरूमध्य में तीसरे सुपरटैंकर पर हमले का दावा, जहाज में लगी आग; भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर चिंता
तेहरान [ईरान]: इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) की नौसेना ने सोमवार को दावा किया कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में तीसरे सुपरटैंकर को निशाना बनाया। ईरानी मीडिया प्रेस टीवी के अनुसार, समुद्री निर्देशों का पालन नहीं करने के बाद जहाज पर हमला किया गया, जिससे उसमें आग लग गई।
आईआरजीसी ने तीसरे सुपरटैंकर को निशाना बनाने का किया दावा
प्रेस टीवी के अनुसार, आईआरजीसी नौसेना ने पुष्टि की कि सोमवार सुबह होर्मुज जलडमरूमध्य में तीसरे कथित उल्लंघनकारी सुपरटैंकर पर हमला किया गया, जिसके बाद जहाज में आग लग गई। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी नौसेना ने आरोप लगाया कि टैंकर ने अपना नेविगेशन सिस्टम बंद कर दिया था और आईआरजीसी नौसेना की चेतावनियों को नजरअंदाज किया। इसके बाद उसने जलडमरूमध्य से निकलने और वहां की व्यवस्था तथा सुरक्षा को बाधित करने का प्रयास किया। यह घटना 48 घंटे के भीतर इस रणनीतिक समुद्री मार्ग में निशाना बनाए गए तीसरे जहाज से जुड़ी बताई गई है।
एमटी पेट्रो डॉल्फिन पर हमले के बाद दो भारतीय नाविक लापता
इससे पहले रविवार को केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सरबानंदा सोनोवाल ने बताया कि निकारागुआ के ध्वज वाले टैंकर एमटी पेट्रो डॉल्फिन पर 11 अक्टूबर को ओमान के सोहार लंगरगाह पर ड्रोन हमला हुआ था। जहाज पर 11 भारतीय नाविक सवार थे, जिनमें से नौ को बचा लिया गया है, जबकि दो भारतीय नागरिक अब भी लापता हैं। सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में सोनोवाल ने बताया कि स्थानीय तटरक्षक बल की ओर से खोज और बचाव अभियान जारी है। भारतीय अधिकारी लापता नाविकों का पता लगाने के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर रहे हैं। सोनोवाल ने कहा, “11 अक्टूबर को सोहार लंगरगाह पर 11 भारतीय नाविकों को ले जा रहे टैंकर एमटी पेट्रो डॉल्फिन पर ड्रोन से हमला किया गया। हमारे नौ भारतीय चालक दल के सदस्यों को सफलतापूर्वक बचा लिया गया है और वे सुरक्षित हैं, जबकि दो भारतीय नागरिक अभी भी लापता हैं।” उन्होंने कहा कि लापता नाविकों को सुरक्षित खोजने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने भी बताया कि वह स्थिति पर करीबी नजर रख रहा है और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है।
एमटी वाल्थेरा पर हमले के बाद सभी 11 भारतीय नाविक सुरक्षित
इस बीच, मार्शल द्वीप समूह के ध्वज वाले टैंकर एमटी वाल्थेरा पर 11 अक्टूबर को होर्मुज जलडमरूमध्य में एक अज्ञात प्रक्षेपास्त्र से हमला किए जाने की घटना भी सामने आई। सोनोवाल के अनुसार, हमले के कारण जहाज पर आग लग गई, लेकिन उस पर सवार सभी 11 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जहाज प्रबंधन कंपनी के संपर्क में है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान ने जताया नियंत्रण
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि तेहरान महत्वपूर्ण ऊर्जा गलियारे पर अपना नियंत्रण बनाए हुए है। उन्होंने यह भी कहा कि विदेशी सैन्य आक्रामकता और आर्थिक नाकाबंदी जारी रहने तक क्षेत्र में सुरक्षा बहाल नहीं हो सकती। अमेरिका के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए बगाई ने कहा कि वाशिंगटन के दावे जमीनी हालात से मेल नहीं खाते। उन्होंने कहा, “अमेरिकियों के दावे जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाते। वे यह कहना जारी रख सकते हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य अब प्रभावी नहीं रहा और ईरान ने अपना प्रभाव खो दिया है; हम भी अपना काम कर रहे हैं।”
खाड़ी क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों से बढ़ा तनाव
खाड़ी क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों की कई घटनाओं के बीच क्षेत्रीय तनाव बना हुआ है। इससे पहले 9 अक्टूबर को पनामा के ध्वज वाले कच्चे तेल के टैंकर एमटी जेम नंबर 2 पर शारजाह लंगरगाह के पास ड्रोन हमला हुआ था। जहाज पर 22 भारतीय नागरिक सवार थे। केंद्रीय मंत्री सरबानंदा सोनोवाल ने उस समय बताया था कि जहाज पर सवार सभी 22 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यहां जहाजों पर हमलों की बढ़ती घटनाओं ने समुद्री सुरक्षा और भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
(एएनआई)
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