अमेरिकी सीनेट द्वारा ईरान संघर्ष में राष्ट्रपति डो

ईरान पर युद्ध शक्तियां सीमित करने के प्रस्ताव से भड़के ट्रंप, बोले- सीनेट ने दुश्मन की मदद की

Trump blasts Senate over Iran war powers

वाशिंगटन डीसी (अमेरिका): अमेरिकी सीनेट द्वारा ईरान संघर्ष में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की युद्ध शक्तियों को सीमित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने के कुछ घंटों बाद ट्रंप ने इस कदम की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस फैसले से उनका काम और मुश्किल हो गया है तथा इससे अमेरिका के विरोधियों को फायदा पहुंचा है।

सीनेट में 50-48 मतों से पारित हुआ प्रस्ताव

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रस्ताव 50-48 मतों से पारित हुआ। मतदान के दौरान रिपब्लिकन सीनेटर रैंड पॉल, सुसान कॉलिन्स, लिसा मुर्कोव्स्की और बिल कैसिडी ने डेमोक्रेट सांसदों के साथ मिलकर प्रस्ताव का समर्थन किया।

ट्रंप ने रिपब्लिकन सांसदों पर साधा निशाना

अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर ट्रंप ने प्रस्ताव का समर्थन करने वाले रिपब्लिकन सांसदों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने ऐसे समय में उनका विरोध किया, जब उनका प्रशासन ईरान के खिलाफ दबाव की नीति पर काम कर रहा है। ट्रंप ने दावा किया कि उनका प्रशासन ईरान को कमजोर स्थिति में ले आया है और तेहरान बातचीत के लिए तैयार दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि सीनेट के इस कदम से ईरान को गलत संदेश गया है।

'मेरे काम को और मुश्किल बना दिया'

ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि सीनेट के मतदान ने उनके प्रयासों को प्रभावित किया है। उनका आरोप था कि इस फैसले से अमेरिका के विरोधियों को यह संकेत मिला कि देश के भीतर उनकी नीतियों को लेकर समर्थन में कमी है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने उद्देश्यों को पूरा करने के लिए आगे भी काम जारी रखेंगे।

कांग्रेस में बढ़ रही है चिंता

यह विवाद उस समय सामने आया है, जब अमेरिकी कांग्रेस में राष्ट्रपति के सैन्य अधिकारों को लेकर बहस तेज हो गई है। कई सांसदों का मानना है कि ईरान के खिलाफ किसी भी बड़े सैन्य कदम से पहले कांग्रेस की मंजूरी जरूरी होनी चाहिए। हाल के हफ्तों में कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने भी इस तरह के प्रस्तावों का समर्थन करना शुरू किया है, जिससे इस मुद्दे पर द्विदलीय सहमति बनती दिखाई दे रही है।

प्रतिनिधि सभा से भी मिल चुकी है मंजूरी

इससे पहले अमेरिकी प्रतिनिधि सभा भी इसी तरह के प्रस्ताव को 215-208 मतों से पारित कर चुकी है। उस दौरान भी कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने डेमोक्रेट्स का साथ दिया था। प्रतिनिधि सभा में मतदान के बाद ट्रंप ने प्रस्ताव का समर्थन करने वाले सांसदों की आलोचना करते हुए उनके रुख पर सवाल उठाए थे।

व्हाइट हाउस ने दी अलग दलील

प्रस्ताव में राष्ट्रपति को ईरान के खिलाफ चल रही शत्रुतापूर्ण गतिविधियों से अमेरिकी सैन्य बलों को हटाने का निर्देश दिया गया है। हालांकि, व्हाइट हाउस का कहना है कि ऐसी कोई सक्रिय सैन्य स्थिति मौजूद नहीं है, जिससे सैनिकों को हटाने की आवश्यकता पड़े। प्रशासन के अनुसार, युद्धविराम लागू होने के बाद संघर्ष की स्थिति समाप्त हो चुकी है।

कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है प्रस्ताव

दोनों सदनों से पारित होने के बावजूद यह एक समवर्ती प्रस्ताव है, इसलिए इसे राष्ट्रपति के हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है। व्हाइट हाउस के अधिकारियों का कहना है कि इस प्रस्ताव का कानूनी रूप से बाध्यकारी प्रभाव भी नहीं है।

एएनआई

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