जॉर्डन में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत पर ट्रंप ने जताया दुख, ईरान पर साधा निशाना
वॉशिंगटन डीसी,(अमेरिका)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को जॉर्डन में ईरानी हमलों के बाद मारे गए दो अमेरिकी सैनिकों की मौत को बेहद दुखद घटना बताया। अल-अज़राक वायु सेना अड्डे पर अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरानी हमलों के बाद जॉर्डन में दो सैनिकों की मौत की घोषणा के बाद अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) द्वारा जारी बयान में न्यूज़नेशन से बात करते हुए ट्रंप ने शोक व्यक्त किया और कहा कि यह घटना देश की सेवा करने वालों के सामने आने वाले जोखिमों को दर्शाती है।
यह बेहद दुखद घटना हैः ट्रंप
ट्रंप ने न्यूज़नेशन से कहा, "बेहद दुखद, यह बेहद दुखद घटना है।"उन्होंने आगे कहा, "हम इसे होते हुए देखना नहीं चाहते। यह हमारे देश की सेवा में किया गया कार्य है।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। यह घटना सेंटकॉम द्वारा इस बात की पुष्टि के बाद सामने आई है कि ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों से बचाव के लिए चलाए जा रहे अभियानों के दौरान जॉर्डन में दो अमेरिकी सैनिक मारे गए और एक लापता है।
एक सैनिक अभी भी लापता
सेंटकॉम के अनुसार, ये सैनिक 17 जुलाई को ईरानी हमलों के खिलाफ समन्वित रक्षा अभियान के दौरान अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए शहीद हो गए। 17 जुलाई को, जॉर्डन में अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) और सहयोगी बलों द्वारा ईरान के बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन हमलों के खिलाफ किए गए बचाव अभियान के दौरान, दो अमेरिकी सैनिक ड्यूटी पर तैनात रहते हुए शहीद हो गए। बयान में कहा गया है कि एक सैनिक अभी भी लापता है।
इलाज करा चुके अन्य कर्मी ड्यूटी पर लौटे
CENTCOM ने आगे बताया कि हमलों में घायल हुए चार अमेरिकी सैनिकों को जॉर्डन के अस्पतालों में चिकित्सा सहायता के लिए ले जाया गया। चारों को बाद में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि मामूली चोटों का इलाज करा चुके अन्य कर्मी ड्यूटी पर लौट आए हैं। शुक्रवार को, ईरानी सेना ने कहा कि उसने ऑपरेशन लाइटनिंग के 14वें चरण के तहत जॉर्डन के अल-अज़राक एयर बेस पर ईंधन भंडारण सुविधाओं को निशाना बनाया और जॉर्डन और कुवैत में कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए।
लगातार सात रातों से जारी सैन्य अभियान
ईरानी सेना के जनसंपर्क विभाग के बयान के अनुसार, देश के सशस्त्र बलों ने अल-उदैरी कैंप में एक गोला-बारूद डिपो, कुवैत के अली अल-सलेम एयर बेस पर मुख्यालय भवनों और गोला-बारूद डिपो के साथ-साथ कई संचार पुलों को भी निशाना बनाया। ईरान की ओर से ये हमले अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों के एक और दौर के जवाबी कार्रवाई के रूप में किए गए हैं, जो लगातार सातवीं रात के सैन्य अभियानों को दर्शाता है। (एएनआई)
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