अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को दाव

ट्रंप का दावा, 2020 चुनाव में 24 हजार से ज्यादा गैर-नागरिकों ने अवैध रूप से किया मतदान

Trump Claims Non-Citizens Cast Illegal Votes

वॉशिंगटन डीसी [अमेरिका]: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को दावा किया कि 2020 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में 24,000 से अधिक गैर-नागरिकों ने अवैध रूप से मतदान किया। ट्रंप ने इसके लिए अमेरिकी जनगणना ब्यूरो द्वारा की जा रही मतदाता रिकॉर्ड की समीक्षा का हवाला दिया।

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर किया दावा

ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पोस्ट में कहा, "जनगणना ब्यूरो ने 2020 के मतदाता रिकॉर्ड की उनके नागरिकता रिकॉर्ड से जांच शुरू कर दी है। पहले 128,000,000 मतदाताओं में से जनगणना ब्यूरो ने साबित किया है कि 24,000 से अधिक गैर-नागरिकों ने अवैध रूप से मतदान किया है!" उन्होंने आगे दावा किया कि जनगणना ब्यूरो अगले 32 मिलियन मतदाताओं का विश्लेषण करेगा और यह संख्या और बढ़ सकती है। ट्रंप ने 2020 के चुनाव को लेकर अपना पुराना दावा दोहराते हुए कहा, "मैंने चुनाव जीता है!"

‘सेव अमेरिका एक्ट’ पारित करने की अपील

ट्रंप ने कांग्रेस से ‘सेव अमेरिका एक्ट’ पारित करने की अपील करते हुए कहा, "हमें सेव अमेरिका एक्ट पारित करना होगा। इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद!" उनकी यह टिप्पणी प्रस्तावित सेफगार्ड अमेरिकन वोटर एलिजिबिलिटी (SAVE) अमेरिका एक्ट के समर्थन के बाद आई है, जिसे 29 जनवरी को कांग्रेस में पेश किया गया था। इसका उद्देश्य अमेरिका में संघीय मतदान मानकों को मजबूत करना है।

मतदाता पंजीकरण के लिए नागरिकता प्रमाण का प्रस्ताव

प्रस्तावित कानून के तहत राज्य चुनाव अधिकारियों को मतदाता पंजीकरण के समय अमेरिकी नागरिकता का भौतिक प्रमाण, जैसे पासपोर्ट या जन्म प्रमाण पत्र, लेने की आवश्यकता होगी। मतदान केंद्र पर वैध फोटो पहचान पत्र की आवश्यकता का भी प्रस्ताव है। इसके अलावा डाक से मतदान को बीमारी, शारीरिक अक्षमता, सक्रिय सैन्य सेवा या यात्रा जैसे विशेष मामलों तक सीमित करने का प्रस्ताव रखा गया है। कानून में राज्यों को संघीय डेटाबेस का इस्तेमाल कर संघीय मतदाता सूची से गैर-नागरिकों को हटाने का निर्देश देने की बात भी कही गई है।

भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त का भी किया जिक्र

इससे पहले सोमवार को ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के अमेरिका में मतदाता पहचान संबंधी आवश्यकताओं को लेकर दिए गए बयान का जिक्र किया था। ट्रंप ने कहा, "इस महीने की शुरुआत में, भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने हमारे प्रशासन से पूछा था - वैध फोटो पहचान पत्र के बिना अमेरिका में चुनाव कैसे हो सकते हैं?"

भारत के चुनाव का दिया उदाहरण

भारत के पिछले आम चुनाव का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि भारत में पिछले चुनाव में 646 मिलियन मतदाता थे। उन्होंने दावा किया कि एक प्रतिशत से भी कम लोगों ने डाक से मतदान किया और प्रत्येक मतदाता के लिए वैध फोटो पहचान पत्र जरूरी था। ट्रंप ने कांग्रेस से ‘सेव अमेरिका एक्ट’ को जल्द पारित करने की अपनी अपील दोहराई।

व्हाइट हाउस ने भी कानून का किया समर्थन

व्हाइट हाउस और ट्रंप प्रशासन ने दोनों देशों की चुनाव प्रणालियों की तुलना करते हुए कहा है कि अमेरिका अन्य देशों की तुलना में नागरिकता के लिए स्व-प्रमाणन पर अधिक निर्भर करता है। व्हाइट हाउस के अनुसार, प्रस्तावित कानून का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल अमेरिकी नागरिक ही संघीय चुनावों में मतदान करें। व्हाइट हाउस ने कहा, "अमेरिकी नागरिकों को - और केवल अमेरिकी नागरिकों को - अमेरिकी चुनावों का निर्णय करना चाहिए।" व्हाइट हाउस ने ‘सेव अमेरिका एक्ट’ को "सामान्य ज्ञान पर आधारित द्विदलीय विधेयक" बताया।

डाक मतदान पर भी प्रस्तावित प्रतिबंध

व्हाइट हाउस के मुताबिक, प्रस्तावित कानून के तहत संघीय चुनाव में मतदान के लिए पंजीकरण कराने से पहले मतदाताओं को वैध पहचान पत्र और नागरिकता का प्रमाण देना होगा। इसमें डाक से मतदान को बीमारी, विकलांगता, सैन्य सेवा या यात्रा जैसे विशेष मामलों तक सीमित करने का भी प्रस्ताव है। साथ ही राज्यों को मतदाता सूची से गैर-नागरिकों को हटाने का निर्देश देने की बात कही गई है। व्हाइट हाउस ने कहा, "यदि आप संयुक्त राज्य अमेरिका में मतदान के लिए पंजीकरण कराना चाहते हैं, तो आपको संयुक्त राज्य अमेरिका का नागरिक होना आवश्यक है।"

भारत और ब्राजील का भी दिया उदाहरण

अमेरिकी प्रशासन ने चुनावी प्रक्रियाओं की तुलना अन्य देशों से करते हुए दावा किया कि बुनियादी चुनाव सुरक्षा उपाय लागू करने में अमेरिका अन्य देशों से पीछे है। व्हाइट हाउस ने कहा, "भारत और ब्राजील मतदाता पहचान पत्र को बायोमेट्रिक डेटाबेस से जोड़ते हैं, जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका नागरिकता के लिए स्व-प्रमाणन पर निर्भर करता है।" भारत में आधार जैसी बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली के साथ ईपीआईसी यानी मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रणाली का इस्तेमाल किया जाता है। 2024 लोकसभा चुनाव में 64.2 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने किया मतदान भारत में 2024 के लोकसभा चुनाव सात चरणों में संपन्न हुए थे। इसमें 642 मिलियन से अधिक मतदाताओं ने मतदान किया और कुल मतदान प्रतिशत 65.79 रहा।

(एएनआई)

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