डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा युद्ध

ट्रंप का बड़ा दावा: रूस-यूक्रेन में 'ऊर्जा युद्धविराम' पर बनी सहमति; ज़ेलेंस्की को नया राष्ट्रपति चुनने की सलाह

US President Donald Trump

वॉशिंगटन (अमेरिका)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा कूटनीतिक दावा करते हुए रूस और यूक्रेन के बीच तत्काल "ऊर्जा युद्धविराम" (Energy Ceasefire) की घोषणा की है। ट्रंप के मुताबिक, दोनों युद्धरत देश ऊर्जा क्षेत्र में हमले रोकने के लिए सहमत हो गए हैं। हालांकि, न तो मॉस्को और न ही कीव की ओर से इस सीजफायर की आधिकारिक पुष्टि की गई है।

ट्रंप का ट्रुथ सोशल पर ऐलान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट करते हुए लिखा, "रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध में तुरंत प्रभाव से 'ऊर्जा युद्धविराम' लागू हो गया है। दोनों पक्ष इस पर सहमत हैं। इसका उल्लंघन न करें!" हालांकि, ट्रंप ने इस समझौते के नियमों या विस्तृत शर्तों का कोई ब्योरा साझा नहीं किया।

डीजल डील और ज़ेलेंस्की पर निशाना

यह घटनाक्रम रूस के साथ अमेरिका की डीजल डील फाइनल होने और ट्रंप द्वारा यूक्रेन में "नया राष्ट्रपति" चुने जाने के सुझाव के ठीक एक दिन बाद सामने आया है। ट्रंप का मानना है कि मॉस्को के साथ जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए कीव को एक नए नेतृत्व की जरूरत है।

पुतिन से बातचीत और तनाव

शुक्रवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ टेलीफोनिक बातचीत के बाद ट्रंप ने दावा किया कि मॉस्को शांति समझौते के लिए तैयार है। यह बातचीत ऐसे समय में हुई जब रूसी डीजल निर्यात पर प्रतिबंधों में ढील देने के अमेरिकी फैसले को लेकर वॉशिंगटन और कीव के बीच तनाव बढ़ गया है।

जॉइंट बेस एंड्रयूज पर बयान

जॉइंट बेस एंड्रयूज में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए ट्रंप ने मॉस्को की मंशा पर भरोसा जताया, लेकिन कीव की मंशा पर सवाल खड़े किए। ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि रूस समझौता करना चाहता है और हमारी इस पर चर्चा भी हुई है। लेकिन रूस वाकई समझौता करना चाहता है।"

ज़ेलेंस्की की भूमिका पर सवाल

ट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने शांति वार्ता के कई मौकों को गंवाया है। ट्रंप के शब्दों में, "यह एक ऐसा मुद्दा था जिसे कई बार सुलझाया जा सकता था, लेकिन पता नहीं क्यों ज़ेलेंस्की समझौता नहीं करना चाहते हैं।"

ईंधन संकट और ज़ेलेंस्की की चेतावनी

इससे पहले ट्रंप ने ऐलान किया था कि वैश्विक ईंधन संकट और ईरान युद्ध के कारण बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए रूस अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय बाजारों को डीजल आपूर्ति करेगा। इस फैसले पर ज़ेलेंस्की ने कड़ा विरोध जताते हुए चेतावनी दी थी कि ऊर्जा बिक्री से मॉस्को को मिलने वाला राजस्व उसके सैन्य अभियान को और मजबूत करेगा।

चुनाव न कराने पर घेरा

ट्रंप ने युद्ध के बीच यूक्रेन में राष्ट्रपति चुनाव न कराने के फैसले पर भी ज़ेलेंस्की को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि उन्हें चुनाव कराने चाहिए थे। अगर यूक्रेन ने दो साल पहले समझौता कर लिया होता, तो आज बातचीत की मेज पर उसकी स्थिति काफी मजबूत होती।" उन्होंने रूस की सैन्य बढ़त का हवाला देते हुए कीव को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने की सलाह दी।

क्रेमलिन की ओर से अनिश्चितता

भले ही ट्रंप पुतिन की मंशा को लेकर सकारात्मक दिख रहे हों, लेकिन क्रेमलिन ने फिलहाल शांति वार्ता जल्द शुरू होने से इनकार किया है। पुतिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव के अनुसार, शुक्रवार की बातचीत में रूसी राष्ट्रपति ने यूक्रेन के साथ वार्ता दोबारा शुरू करने का कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया है।

यह भी पढ़ें: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में इमरजेंसी और गवर्नर शासन लागू, PTI सरकार का नियंत्रण खत्म