'हमने ईरान के रडार को ध्वस्त कर दिया': डोनाल्ड ट्रंप
वॉशिंगटन डीसी,(अमेरिका)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा, कि अमेरिकी जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में अमेरिकी सेना ने लगातार तीन रातों तक ईरान पर हमला किया है। उन्होंने दावा किया, कि अमेरिका ने ईरानी रडार प्रणाली को नष्ट कर दिया है।
ईरान के रडार को किया नष्ट
सीएनबीसी को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा,"हमने ईरान के रडार को नष्ट कर दिए हैं। हमने पिछली रात इसे पुर्ण रूप से नष्ट कर दिया। हमने पिछले सप्ताह भी उनका एक रडार नष्ट किया है। उन्हें तीसरी बार फिर से शुरुआत करनी होगी।"
ईरान में महंगाई 300 प्रतिशतः ट्रंप
आगे की संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर पूछे गए सवाल पर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, कि अमेरिका के पास हर तरह के संसाधन मौजूद हैं। ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना को दुनिया की सबसे शक्तिशाली नौसेना बताते हुए उसकी क्षमता की सराहना की। साथ ही उन्होंने दावा किया, कि ईरान की अर्थव्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है, वहां महंगाई 300 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है और देश के लिए आय के स्रोत भी लगभग खत्म हो गए हैं।
भविष्य में ईरान को खाद्य सामग्री निर्यात करने की उम्मीद
ट्रंप ने कहा,"अमेरिका भविष्य में ईरान को खाद्य सामग्री निर्यात करने की उम्मीद रखता है।" उनके मुताबिक, ईरान को मक्का, गेहूं और सोयाबीन जैसी जरूरी खाद्य की आवश्यकता है और यदि परिस्थितियां अनुकूल होती हैं, तो ये आपूर्ति अमेरिकी किसानों के जरिए की जा सकती है। उन्होंने कहा, कि ईरान में महंगाई कई गुना बढ़ गई है, शीर्ष सैन्य नेतृत्व कमजोर हो गया है और कई वरिष्ठ जनरल मारे जा चुके हैं।
नही उठाया होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का कदम
ट्रंप ने यह भी कहा, कि उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का कदम इसलिए नहीं उठाया, क्योंकि इससे वैश्विक तेल बाजारों पर गंभीर नकारात्मक असर पड़ सकता था। ट्रंप ने कहा, कि यदि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य को लंबे समय तक बंद कर देता, तो वैश्विक तेल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित होती। उनके मुताबिक, दुनिया के करीब 20–21 प्रतिशत तेल की आवाजाही रुक जाती, जिससे कच्चे तेल की कीमत 350 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती थी और वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी की चपेट में आ सकती थी। उन्होंने दावा किया कि इसके बजाय अमेरिकी नौसेना ने रणनीतिक तरीके से टैंकरों को जलडमरूमध्य के दक्षिणी मार्ग से सुरक्षित निकाला। ट्रंप के अनुसार, जहाजों को रात के समय बिना रोशनी के तट के करीब से ऐसे रास्ते से ले जाया गया, जो ईरान के छोटे हथियारों की पहुंच से बाहर था। (एएनआई)
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