ट्रंप बोले- 'यह कोई आम युद्ध नहीं', ईरान ने हमले की स्थिति में बिना रोक-टोक जवाब देने की दी चेतावनी
वाशिंगटन डीसी [अमेरिका]: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान के साथ जारी युद्ध को समाप्त करने की जल्दबाजी में नहीं है। उन्होंने मौजूदा संघर्ष को 'आम युद्ध नहीं' बताया। वहीं, ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामनेई ने वरिष्ठ सैन्य कमांडरों को किसी भी खतरे का तत्काल और प्रभावी जवाब देने का निर्देश दिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब दोनों देशों के बीच बातचीत के प्रयास भी जारी हैं। ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा, "बातचीत हो रही है। वे बात करना चाहते हैं। वे लगातार बात कर रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा कि ईरान अपने सैनिकों और पुलिसकर्मियों को वेतन देने की स्थिति में नहीं है और मुश्किलों का सामना कर रहा है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास पर्याप्त समय है। यह युद्ध है, लेकिन आम युद्ध नहीं है। हम वहां सात महीने से हैं।
मोजतबा खामनेई ने सेना को दिया जवाबी कार्रवाई का आदेश
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव दोबारा बढ़ने की आशंका के बीच मोजतबा खामनेई ने सशस्त्र बलों के वरिष्ठ कमांडरों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने सभी तरह के खतरों का तत्काल, प्रभावी और बिना किसी भौगोलिक प्रतिबंध के जवाब देने का निर्देश दिया। एक सख्त बयान में उन्होंने कहा कि यदि दुश्मन सैन्य या आतंकवादी हमले दोबारा शुरू करते हैं, तो इस्लामिक गणराज्य की सशस्त्र सेनाएं और ईरान की जनता तय करेगी कि उन्हें कब और किस तरह जवाब देना है। उन्होंने अधिकतम प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए दुश्मनों का मुकाबला करने की सैन्य तैयारी मजबूत करने पर जोर दिया। साथ ही, सेना को ईरान की रक्षा तकनीक को और बेहतर बनाने का निर्देश दिया। बैठक के बाद ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने अल जजीरा के अनुसार कहा कि ईरान किसी भी हमले का 'अथाह बल' के साथ जवाब देगा।
अराघची ने शांति वार्ता का किया स्वागत, बोले- सभी विकल्पों के लिए तैयार
इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शनिवार को अमेरिका के साथ शांति वार्ता के प्रयासों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि उन्हें अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का एक पत्र मिला है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान ने युद्ध दोबारा शुरू होने की संभावना से इनकार नहीं किया है। अल जजीरा को दिए एक इंटरव्यू में अराघची ने कहा कि बातचीत और आपसी समझ का रास्ता खोलने की अमेरिकी कोशिश सकारात्मक कदम है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वाशिंगटन का उद्देश्य पत्र के जरिए मतभेद पैदा करना है, तो यह उसकी एक और गलती होगी। द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने बुधवार को बताया था कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर मोहसेन रेजाई को पत्र भेजा था। इसमें बातचीत दोबारा शुरू करने और आगे अमेरिकी सैन्य हमले रोकने की मांग की गई थी। अराघची ने कहा कि ईरान युद्ध की किसी भी संभावना को खारिज नहीं करता और सभी परिस्थितियों के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि ईरान ने अपने हथियारों को आधुनिक बनाया है, कमजोरियों को दूर किया है और नए हथियारों का परीक्षण भी किया है। उनके मुताबिक, ईरानी सेना इस समय पूरी तरह तैयार है।
होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने को लेकर दो दिन में लागू हो सकता है प्रस्ताव
अराघची ने बताया कि ईरान और अमेरिका के अधिकारियों के बीच कतर की राजधानी दोहा में बातचीत होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि कतर ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने से जुड़े ईरानी प्रस्ताव को लागू करने की समयसीमा पांच दिन से घटाकर दो दिन करने का सुझाव दिया है। अराघची के मुताबिक, इस चरण में दोनों पक्षों के बीच प्रस्ताव के क्रियान्वयन की अवधि को दो दिन तक सीमित करने पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि ईरान की शर्तों में इस्लामाबाद ज्ञापन के बाद लगाए गए प्रतिबंधों को हटाना और क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य बलों की संख्या कम करना शामिल है। इसके अलावा ईरान तेल से जुड़ी छूट बहाल करने और कतर सहित अन्य स्थानों पर जमा अपने सभी फंड जारी करने की मांग कर रहा है। अराघची ने कहा कि ईरान की शर्तों के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने से वाशिंगटन के साथ लंबित मुद्दों पर बातचीत शुरू करने का रास्ता तैयार हो सकता है।
दोहा में प्रत्यक्ष बातचीत की संभावना, चीन और रूस बन सकते हैं समझौते के गारंटर
द टाइम्स ऑफ इजरायल ने कतरी अखबार अल-अरबी अल-जदीद के हवाले से बताया कि अप्रत्यक्ष बातचीत में संभावित प्रगति के बाद अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल दोहा में ईरानी अधिकारियों के साथ सीधे बातचीत कर सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, मध्यस्थता प्रयासों से जुड़े सूत्रों ने बताया कि दोनों पक्ष ईरान के परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही और तेहरान को वित्तीय प्रोत्साहन देने जैसे मुद्दों पर शुरुआती सहमति के करीब पहुंचे हैं। चीन और रूस से भी संभावित समझौते के गारंटर के रूप में भूमिका निभाने की उम्मीद है। वहीं, अल अरबिया इंग्लिश के अनुसार, प्रस्तावित समझौते के मसौदे में स्वतंत्र सत्यापन व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। इसके तहत समझौते के प्रत्येक चरण को लागू करने से पहले दोनों पक्षों के अनुपालन की जांच की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पक्ष अपनी प्रतिबद्धताओं की पुष्टि के बिना बड़ी रियायत न दे। मसौदे में देरी या उल्लंघन की स्थिति से निपटने और सैन्य तनाव को दोबारा बढ़ने से रोकने के लिए मध्यस्थों और गारंटर देशों की भागीदारी वाला विवाद समाधान तंत्र बनाने का प्रस्ताव भी शामिल है।
होर्मुज में दो मछली पकड़ने वाली नौकाओं पर हमले की खबर
बातचीत और बयानबाजी के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में केशम द्वीप के पास दो मछली पकड़ने वाली नौकाओं पर अमेरिकी हमले की खबर सामने आई है। इस घटना में दो ईरानी मछुआरों के घायल होने की बात कही गई है। ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, ड्रोन हमले के बाद लापता हुए दोनों मछुआरों को ढूंढ लिया गया है। केशम फिशिंग कम्युनिटी के सीईओ ने बताया कि दोनों को वापस केशम द्वीप भेज दिया गया है। वहीं, अल जजीरा ने फार्स समाचार एजेंसी के हवाले से बताया कि घायल मछुआरों में से एक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अल जजीरा ने तस्नीम समाचार एजेंसी के हवाले से बताया कि होर्मोजगान प्रांत के राजनीतिक, सुरक्षा और सामाजिक मामलों के उप-राज्यपाल के अनुसार, यह घटना सुबह करीब 11:30 बजे केशम काउंटी के मुसान गांव से लगभग 18 मील दूर हुई। दोनों नौकाओं में दो-दो लोग सवार थे।
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