ट्रंप ने 'लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट 2026' पर हस्ताक्षर कर इसे बनाया कानून
वाशिंगटन डीसी (अमेरिका)। व्हाइट हाउस ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट 2026 पर हस्ताक्षर कर इसे कानून बना दिया है। इसके तहत रूस को लक्षित वैधानिक प्रतिबंधों, शुल्कों और निषेधों का विस्तार किया गया है और ईरान पर मौजूदा प्रतिबंधों को बढ़ाया गया है।
रूसी कच्चे तेल को खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक शुल्क
शुक्रवार को हस्ताक्षरित इस कानून के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति को उन देशों से आने वाले सामानों पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाने का अधिकार दिया गया है जो रूसी कच्चे तेल या प्राकृतिक गैस की खरीद और प्रतिबंधों से बचने से संबंधित निर्दिष्ट मानदंडों को पूरा करते हैं। यह कानून रूसी अधिकारियों, वित्तीय संस्थानों, रक्षा संबंधी नेटवर्कों और पश्चिमी प्रतिबंधों से बचने के लिए ऊर्जा परिवहन हेतु उपयोग किए जाने वाले देश के तथाकथित "शैडो फ्लीट" (अवैध जहाजों का बेड़ा) को भी लक्षित करता है। यह ईरान सैंक्शन एक्ट को पांच साल के लिए और बढ़ाता है। यह विधेयक अगस्त में अमेरिकी सीनेट में 86-11 मतों से पारित हुआ था और इस सप्ताह की शुरुआत में प्रतिनिधि सभा में 262-159 मतों से पारित हो गया।
रूसी ऊर्जा की निर्दिष्ट खरीद जारी रखने वालों पर 100 प्रतिशत ट्रैरिफ
इसका नाम दिवंगत रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम के नाम पर रखा गया है, जो इस कानून के प्रमुख समर्थक थे। एक प्रमुख प्रावधान राष्ट्रपति को रूसी कच्चे तेल या प्राकृतिक गैस के पांच सबसे बड़े आयातकों के साथ-साथ रूसी तेल प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक लक्षित शुल्क लगाने की अनुमति देता है। यह उपाय किसी विशिष्ट देश पर स्वतः 100 प्रतिशत शुल्क नहीं लगाता है। यह कानून भारत और चीन के लिए विशेष महत्व रखता है, जो रूसी कच्चे तेल के प्रमुख खरीदारों में शामिल हैं। यह कानून उन देशों से आयात पर संभावित शुल्क लगाने के लिए एक वैधानिक मार्ग बनाता है जो रूसी ऊर्जा की निर्दिष्ट खरीद जारी रखते हैं।
अमेरिकी सांसदों ने भी इस कानून की आलोचना की
यह कानून राष्ट्रपति को कुछ शर्तों के तहत छूट देने का अधिकार भी प्रदान करता है, जिसमें कांग्रेस को यह प्रमाणित करना शामिल है कि छूट राष्ट्रीय हित में है। समर्थकों का कहना है कि इस उपाय का उद्देश्य मॉस्को पर आर्थिक दबाव बढ़ाना और यूक्रेन में रूस के युद्ध का समर्थन करने वाले राजस्व को कम करना है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने इस कानून का स्वागत करते हुए प्रतिबंधों को रूस पर शांति की ओर दबाव डालने का एक महत्वपूर्ण साधन बताया। राष्ट्रपति को दी गई व्यापक शुल्क शक्तियों और उनके संभावित आर्थिक परिणामों को लेकर चिंताओं के कारण कुछ अमेरिकी सांसदों ने भी इस कानून की आलोचना की है। (इनपुट: ANI)
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