ट्रंप का डेमोक्रेट्स पर बड़ा हमला, रिपब्लिकन नेताओं को धमकियों की DOJ और व्हाइट हाउस में शिकायत के निर्देश
वाशिंगटन (अमेरिका)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राजनीतिक विरोधियों पर अपना आक्रामक रुख जारी रखते हुए रिपब्लिकन दानदाताओं और पार्टी सदस्यों से आग्रह किया है कि वे डेमोक्रेट्स की कथित धमकियों की तुरंत न्याय विभाग (DOJ) या सीधे व्हाइट हाउस में रिपोर्ट दर्ज कराएं।
ट्रुथ सोशल पर तीखा हमला
अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में ट्रंप ने डेमोक्रेटिक पार्टी की हरकतों को पूरी तरह से गैर-कानूनी करार दिया और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को सलाखों के पीछे भेजने की मांग की। उन्होंने लिखा कि निर्दोष रिपब्लिकन दानदाताओं और पार्टी सदस्यों को दी जा रही धमकियां अभूतपूर्व हैं। ट्रंप ने दो टूक शब्दों में कहा कि इन हरकतों में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाना चाहिए और सीनेट, न्याय विभाग तथा प्रतिनिधि सभा को तुरंत कड़ा कदम उठाना चाहिए।
आपराधिक जांच और जबरन वसूली का आरोप
यह निर्देश उस घटना के ठीक बाद आया जब ट्रंप ने न्याय विभाग को डेमोक्रेटिक नेताओं के खिलाफ आपराधिक जांच शुरू करने का आदेश दिया। उन्होंने डेमोक्रेट्स पर जबरन वसूली का गंभीर आरोप लगाया। ट्रंप का कहना था कि डेमोक्रेटिक नेता अमेरिकी अटॉर्नी जनरल और अन्य प्रमुख लोगों पर बिना किसी ठोस आधार के महाभियोग चलाने की धमकियां दे रहे हैं, जो सीधे तौर पर कानून और व्यवस्था का दुरुपयोग है।
मिशिगन सीनेटर और युवा कंजरवेटिव्स पर निशाना
ट्रंप ने मिशिगन की डेमोक्रेटिक सीनेटर एलिसा स्लॉटकिन का विशेष रूप से जिक्र करते हुए दावा किया कि डेमोक्रेटिक नेता युवा कंजरवेटिव्स को डराने-धमकाने में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि जो युवा रिपब्लिकन मूल्यों में विश्वास रखते हैं, उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। ट्रंप के अनुसार, धमकी भरे पत्र भेजने वाले इन तत्वों के खिलाफ आपराधिक कृत्य के तहत तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए।
व्हाइट हाउस में बदलाव और कांग्रेस में ब्लू वेव
यह तीखा टकराव ऐसे समय में सामने आया है जब व्हाइट हाउस और कैपिटल हिल के बीच तनाव चरम पर है। सात नवंबर को ट्रंप ने घोषणा की कि डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर नौ नवंबर से व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ का पद संभालेंगे, जबकि मौजूदा चीफ सूसी वाइल्स राजनीतिक कामकाज में जुटेंगी। हालिया चुनावों में डेमोक्रेट्स ने कांग्रेस के दोनों सदनों में बहुमत हासिल कर लिया है, जिससे विधायी संतुलन पूरी तरह बदल गया है और आने वाले समय में प्रशासन को कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। (इनपुट: ANI)
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