स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज पर ओमान को ट्रंप की सख्त चेतावनी, बोले- बीच में आए तो होगी भारी बमबारी
वॉशिंगटन (अमेरिका)। पश्चिम एशिया में गहराते भू-राजनीतिक संकट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओमान को सीधी और कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि ओमान ने सामरिक रूप से बेहद अहम 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज' (Strait of Hormuz) पर ईरान के साथ किसी समझौते में दखल दिया, तो अमेरिका मस्कट पर भीषण सैन्य हमला करने से पीछे नहीं हटेगा।
"अगर ओमान बीच में आया, तो..."
फॉक्स न्यूज के संवाददाता ट्रे इंग्स्ट (Trey Yingst) के साथ एक फोन साक्षात्कार के दौरान, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया के हालात पर खुलकर बात की। जब ट्रंप से ईरान और ओमान के बीच 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज' के नियंत्रण को लेकर चल रही समानांतर वार्ताओं के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने आक्रामक तेवर दिखाते हुए दो टूक कहा, "अगर ओमान बीच में आया, तो हम उन पर जबरदस्त बमबारी करेंगे।
ट्रंप ने इस बातचीत के दौरान ईरान को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि इस परिस्थिति में ईरान को आत्मसमर्पण का सफेद झंडा फहरा देना चाहिए। साथ ही यह भी जोड़ा कि इस मामले में उनके पास कोई तय समयसीमा नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि वे कोई जल्दबाजी में नहीं हैं।
ईरानी शासन पर आर्थिक दबाव और हथियारों के जखीरे पर बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी ईरानी शासन पर लगातार नया आर्थिक दबाव बना रही है, भले ही तेहरान सार्वजनिक रूप से इसके विपरीत दावे कर रहा हो। ट्रंप ने ईरान के शासकों का जिक्र करते हुए कहा कि "वे अच्छे पोकर खिलाड़ी हैं, लेकिन वे दम तोड़ रहे हैं।" इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों (Midterm Elections) का उनकी इस रणनीति से कोई लेना-देना नहीं है।
पश्चिम एशिया में अमेरिकी हथियारों के कम होने की चर्चा पर ट्रंप ने कहा, "अब तक हमने जितना इस्तेमाल किया है, वह ऊंट के मुंह में जीरे के समान (Peanuts) है।" ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास मध्यम स्तर के हथियारों का बड़ा भंडार है, जबकि कई उन्नत रक्षा प्रणालियाँ (Advanced Systems) पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन द्वारा यूक्रेन को दे दी गई थीं, जिनकी अब इस क्षेत्र में भारी जरूरत महसूस हो रही है।
तेहरान और मस्कट के बीच क्यों चल रही है बात?
ट्रंप की यह कड़ी टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब तेहरान और मस्कट 'स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मूज' के जरिए सुरक्षित व्यावसायिक नौवहन के लिए एक तंत्र स्थापित करने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। हफ्तों चली तकनीकी वार्ताओं के बाद दोनों देशों ने इस समुद्री गलियारे के लिए एक साझा शिपिंग रूट मैप तैयार किया है। यह बातचीत उसी ईरान-अमेरिका समझौता ज्ञापन (MoU) से उपजी है, जिसमें दोनों देशों को इस सामरिक जलमार्ग के लिए एक नया नेविगेशन फ्रेमवर्क तैयार करने का जिम्मा सौंपा गया था।
सोमवार को ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई (Esmail Baghaei) ने अपनी साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि ओमान के साथ बातचीत अभी भी जारी है। वार्ताओं में देरी के कारणों को स्पष्ट करते हुए बघाई ने तीन मुख्य कारक गिनाए:
- मुद्दे की जटिलता: यह अपने आप में बेहद पेचीदा मामला है।
- कई पक्षों की संलिप्तता: इस प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करने वाले विभिन्न एक्टर्स की मौजूदगी।
- दुर्भावनापूर्ण ताकतों के प्रयास: बघाई ने आरोप लगाया कि कुछ ऐसे द्वेषपूर्ण पक्ष हैं जो क्षेत्र की शांति और सुरक्षा की परवाह नहीं करते और हमेशा यहां अराजकता चाहते हैं।
ईरान-ओमान साझा तंत्र बनाने की दिशा में बढ़ा रहे कदम
बघाई ने कहा, "यह ध्यान रखना चाहिए कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज में असुरक्षा हम पर, इस क्षेत्र पर और पूरी दुनिया पर थोपी गई थी, और इसकी वजह अमेरिका की अवैध सैन्य कार्रवाई थी।" उन्होंने दोहराया कि बातचीत का उद्देश्य दोनों तटीय राज्यों की संप्रभुता और व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को सुनिश्चित करना है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने यह भी कहा कि दोनों पक्षों (ईरान और ओमान) ने अपने-अपने हितों और चिंताओं को संबोधित करने वाले तंत्र को विकसित करने के लिए अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रदर्शन किया है और इस दिशा में उनके प्रयास जारी हैं। (भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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