रॉयटर्स-इप्सोस सर्वेक्षण के अनुसार, ईरान के साथ लं

ईरान संघर्ष के बीच ट्रंप की लोकप्रियता रिकॉर्ड निचले स्तर पर, सैन्य कार्रवाई का समर्थन भी घटा

Trump’s Approval Hits Record Low as US Support for Iran War Declines: Reuters-Ipsos Poll

वॉशिंगटन डीसी (अमेरिका)। रॉयटर्स इप्सोस द्वारा सोमवार को किए गए एक सर्वेक्षण के विश्लेषण के अनुसार, ईरान के साथ लंबे समय से चल रहे संघर्ष में उलझे रहने के कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की लोकप्रियता रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई है और इस संघर्ष के प्रति अमेरिकी जनता का समर्थन भी अपने सबसे निचले स्तर पर आ गया है।

चार दिनों ताक हुआ सर्वेक्षण

चार दिनों की अवधि में किए गए इस सर्वेक्षण में देशभर के 1,215 अमेरिकी वयस्कों से राय ली गई और इसमें त्रुटि की संभावना 3 प्रतिशत अंक थी। रिपोर्ट में बताया गया कि केवल 31% अमेरिकी ही ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का समर्थन करते हैं, जो मार्च में हुए पिछले रॉयटर्स इप्सोस सर्वेक्षण के 37% और इस महीने की शुरुआत में हुए एक अन्य सर्वेक्षण के 34% से काफी कम है।

69% रिपब्लिकन उत्तरदाता युद्ध का समर्थन करते हैं

रॉयटर्स इप्सोस सर्वेक्षण के अनुसार, लगभग 69% रिपब्लिकन उत्तरदाता युद्ध का समर्थन करते हैं, जबकि मार्च में यह आंकड़ा 77% था। यह गिरावट मुख्य रूप से संघर्ष का समर्थन करने वाले स्वयं को रिपब्लिकन बताने वाले लोगों की संख्या में कमी के कारण हुई है। गौरतलब है, कि रॉयटर्स/इप्सोस के नवीनतम सर्वेक्षण के अनुसार, देश के लगभग 83% लोगों का मानना ​​है कि ईरान के साथ संघर्ष "लंबे समय तक" चलेगा, जो इस महीने की शुरुआत में 80% था।

ट्रंप की लोकप्रियता में गिरावट

वहीं, सर्वेक्षण में शामिल स्वतंत्र मतदाताओं ने रिपब्लिकन की तुलना में डेमोक्रेट्स को 33% से 19% तक पसंद किया, जब उनसे पूछा गया कि अगर आज कांग्रेस चुनाव होते तो वे किसे वोट देते। ट्रंप की लोकप्रियता में गिरावट ऐसे समय में आई है जब राष्ट्रपति 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में अपनी जीत के लिए प्रचार कर रहे थे और मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने और लंबे सैन्य संघर्षों से बचने का सहारा ले रहे थे। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के साथ युद्ध के छह महीने बाद, अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें युद्ध से पहले की तुलना में एक डॉलर प्रति गैलन से अधिक बढ़ गई हैं।

ईरान की सहायता करने वालों के खिलाफ अमेरिका की कारवाई 

क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों के मद्देनजर, संयुक्त राज्य अमेरिका ने उन व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ कारवाई की एक नई लहर शुरू की है, जिनके बारे में उसका कहना है कि वे ईरानी शासन के "हथियारों की खरीद; अमेरिकी ऊर्जा, रक्षा और स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे में साइबर घुसपैठ; और मध्य पूर्व में आतंकवाद को वित्त पोषित करने वाले अवैध तेल शिपमेंट" में शामिल थे। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रधान उप प्रवक्ता टॉमी पिगोट ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से वाशिंगटन के साथ मिलकर उन्हें जवाबदेह ठहराने का आह्वान किया। (इनपुटः ANI)

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