कराची के अस्पताल से जुड़े एचआईवी संक्रमण के मामले बढ़कर 80 हुए, दो और बच्चे संक्रमित
कराची [पाकिस्तान]: द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, कराची के कुलसुम बाई वालिका (केबीवी) अस्पताल में संक्रमण फैलने की घटना से जुड़े ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस (एचआईवी) के पुष्ट मामलों की संख्या दो और बच्चों के संक्रमित पाए जाने के बाद बढ़कर 80 हो गई है।
दो नए मामलों से बढ़ी संक्रमितों की संख्या
सिंध के श्रम मंत्री और सिंध कर्मचारी सामाजिक सुरक्षा संस्थान (SESSI) के अध्यक्ष सईद घानी ने पिछले सप्ताह 78 बच्चों में एचआईवी संक्रमण की पुष्टि की थी। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार, दो नए मामलों के सामने आने के बाद संक्रमित बच्चों की संख्या कम से कम 80 हो गई है।
एक ही परिवार के तीन बच्चे संक्रमित
द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को एचआईवी पॉजिटिव पाई गई नौ वर्षीय बच्ची के पिता ने बताया कि उनके तीनों बच्चों में वायरस की पुष्टि हुई है। इससे पहले 3 जुलाई को सिंध उच्च न्यायालय ने प्रांतीय सरकार को दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। यह आदेश उस याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि कराची के केबीवी अस्पताल में कथित लापरवाही के कारण औद्योगिक श्रमिकों के 200 से अधिक बच्चे एचआईवी से संक्रमित हुए और नौ बच्चों की मौत हो गई।
पाकिस्तान में एचआईवी के तीन लाख मामलों पर चिंता
इस बीच, डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा, विनियमन एवं समन्वय (NHSR&C) संबंधी राष्ट्रीय सभा की स्थायी समिति ने पाकिस्तान में एचआईवी के लगभग तीन लाख मामलों पर गंभीर चिंता जताई है। समिति को बताया गया कि देश में केवल 87,000 लोगों में ही एचआईवी की पहचान हो सकी है, जबकि वर्तमान में मात्र 34,000 मरीज ही उपचार प्राप्त कर रहे हैं।
निजी अस्पतालों की व्यवस्था पर भी सवाल
बैठक में यह भी बताया गया कि 2018 में इस्लामाबाद हेल्थ रेगुलेटरी अथॉरिटी (IHRA) की स्थापना के बावजूद राजधानी इस्लामाबाद के किसी भी निजी अस्पताल और औषधालय के पास वैध लाइसेंस नहीं है। समिति की बैठक में निजी अस्पतालों द्वारा मनमानी शुल्क वसूली, गरीब मरीजों के लिए सहायता की कमी, बिल का भुगतान न होने पर मरीजों और शवों को रोककर रखना, ठोस जैव-चिकित्सा अपशिष्ट का खराब प्रबंधन, अवैध क्लीनिकों का संचालन, असुरक्षित गर्भपात और बिना पर्चे के दवाओं की बिक्री जैसे गंभीर मुद्दों पर भी चिंता व्यक्त की गई।
एचआईवी हॉटस्पॉट और नवजात संक्रमण पर चर्चा
संसद भवन में सांसद डॉ. महेश कुमार मलानी की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान सदस्यों ने एचआईवी हॉटस्पॉट और रेड ज़ोन की पहचान, विशेष रूप से सिंध और पाकिस्तान के अन्य क्षेत्रों में एचआईवी संक्रमित नवजात शिशुओं के बढ़ते मामलों पर भी गंभीर चिंता जताई।
(एएनआई)
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