PoJK रावलकोट में कार्रवाई पर UKPNP की अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग, हिंसक झड़प में 3 मरे और 18 घायल
लंदन (UK)। यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (UKPNP) ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) के रावलकोट में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और रिहायशी इलाकों के खिलाफ सुरक्षा बलों की कथित कार्रवाई की निंदा की है। पार्टी ने आरोप लगाया कि सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर अंधाधुंध फायरिंग की, अत्यधिक बल का इस्तेमाल किया और ड्रोन हमले किए। UKPNP के मुताबिक, इन घटनाओं में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि 18 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पार्टी ने मामले की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच कराने की मांग की है।
मटियालमेरा बस टर्मिनल और उमर फारूक चौक पर प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने का आरोप
5 नवंबर 2026 को जिनेवा से जारी प्रेस विज्ञप्ति में UKPNP के प्रवक्ता सरदार नासिर अजीज खान ने कहा कि सुरक्षा बलों ने गुरुवार तड़के मटियालमेरा बस टर्मिनल, उमर फारूक चौक और अन्य स्थानों पर चल रहे शांतिपूर्ण धरनों को कथित तौर पर निशाना बनाया। खान ने X पर बयान साझा करते हुए आरोप लगाया कि सुरक्षा कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भारी मशीनगनों, बख्तरबंद वाहनों और ड्रोन का इस्तेमाल किया। पार्टी ने इस कार्रवाई को लेकर गंभीर चिंता जताई है।
तीन मृतकों की हुई पहचान, 18 युवक गंभीर रूप से घायल
UKPNP के बयान के अनुसार, कथित कार्रवाई में जान गंवाने वाले तीन लोगों की पहचान चंबा नर दारीक निवासी 35 वर्षीय आतिफ जरदीस, 30 वर्षीय एहतिशाम यूनिस और मांग मोर चाहर निवासी 32 वर्षीय आदिल राशिद के रूप में हुई है। बयान में बताया गया कि आतिफ जरदीस चार बच्चों के पिता थे। पार्टी ने दावा किया कि इन घटनाओं में कम से कम 18 अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
ड्रोन हमले के बाद घर में आग लगने का आरोप
UKPNP के प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि मटियालमेरा बस टर्मिनल के पास शकील खान का घर कथित ड्रोन हमले के बाद आग से तबाह हो गया। बयान में उन रिपोर्टों का भी उल्लेख किया गया, जिनमें इस घटना में चार बच्चों की मौत होने की आशंका जताई गई थी। पार्टी ने इन दावों की पुष्टि के लिए तत्काल स्वतंत्र जांच की आवश्यकता बताई और मामले की पारदर्शी तरीके से जांच कराने की मांग की।
मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों की अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग
सरदार नासिर अजीज खान ने कहा कि शांतिपूर्ण और निहत्थे नागरिकों के खिलाफ जानलेवा बल के कथित इस्तेमाल से मानवाधिकारों को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हुई हैं। उन्होंने इस मामले की तत्काल अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की। UKPNP के बयान में संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों की ओर से पाकिस्तान सरकार के साथ PoJK में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों को लेकर पहले की गई बातचीत का भी उल्लेख किया गया। इसके लिए संयुक्त राष्ट्र के संदर्भ AL PAK 4/2026 का हवाला दिया गया।
बुनियादी अधिकारों और सार्वजनिक सेवाओं की मांग कर रहे PoJK के लोग
UKPNP के अनुसार, PoJK के लोग शांतिपूर्ण तरीके से अपने बुनियादी अधिकारों, आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं, संपत्ति की सुरक्षा, मानवीय सम्मान और कानून के राज की मांग कर रहे हैं। पार्टी ने कहा कि इन मांगों को हिंसा, धमकी या सामूहिक सजा के जरिए दबाया नहीं जाना चाहिए। संगठन ने नागरिकों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
UN, EU और प्रमुख देशों से हस्तक्षेप की अपील
UKPNP ने संयुक्त राष्ट्र (UN), यूरोपीय संघ (EU) और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, चीन और फ्रांस से रावलकोट तथा अन्य प्रभावित इलाकों के हालात पर तत्काल ध्यान देने की अपील की है। पार्टी ने जर्मनी से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। बयान में हिंसा रोकने, आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मानवाधिकारों के सम्मान को प्राथमिकता देने के लिए अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक प्रयास तेज करने की मांग की गई।
स्वतंत्र फैक्ट-फाइंडिंग मिशन और पत्रकारों को पहुंच देने की मांग
पार्टी ने रावलकोट और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय फैक्ट-फाइंडिंग मिशन भेजने की मांग की है। इसके साथ ही मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों को प्रभावित इलाकों तक तत्काल पहुंच देने की अपील की गई है। UKPNP ने कथित हत्याओं, घायलों, ड्रोन हमलों, घरों को हुए नुकसान और अन्य गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों के आरोपों की स्वतंत्र जांच की मांग की। पार्टी के मुताबिक, तथ्यों की पुष्टि और जवाबदेही तय करने के लिए पारदर्शी जांच जरूरी है।
JAAC के शांतिपूर्ण आंदोलन को UKPNP का समर्थन
UKPNP ने जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) को अपना समर्थन देते हुए कहा कि वह PoJK के लोगों के मौलिक अधिकारों, नागरिक स्वतंत्रता, संपत्ति के अधिकार और कानून के राज के लिए उनके शांतिपूर्ण संघर्ष के साथ खड़ी है। सरदार नासिर अजीज खान ने कहा कि उनकी पार्टी संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक, राजनीतिक तथा मानवाधिकार मंचों पर इन चिंताओं को उठाती रहेगी।
शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक संघर्ष के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई
UKPNP ने अपने बयान में कहा कि दबाव, धमकी और हथियारबंद ताकत के इस्तेमाल से कश्मीरी लोगों के दृढ़ संकल्प और उनकी उम्मीदों को दबाया नहीं जा सकता। पार्टी ने शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक संघर्ष, न्याय, जवाबदेही और मौलिक मानवाधिकारों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। (Source: ANI)
यह भी पढ़ें: भारत ने पाकिस्तान को 3-2 से हराया, सुहैल अहमद भट ने दागे दो गोल