ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में ईरान के खिलाफ

संरा महासभा : ट्रंप ने ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू करने के अपने फैसले का बचाव किया

UN General Assembly: Trump defends his decision

संयुक्त राष्ट्र:  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन में ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू करने के फैसले का बचाव किया और कहा कि उन्होंने हिम्मत दिखाई है, जबकि दूसरे नेताओं ने टालमटोल वाला रवैया अपनाया है।

ट्रंप ने गिनाईं प्रशासन की उपलब्धियां

ट्रंप ने अपने संबोधन की शुरुआत उनके प्रशासन की उपलब्धियां गिनाने से की, जिनमें निजी क्षेत्र में नौकरियों में वृद्धि, अवैध आव्रजन पर लगाम और अपराध की रोकथाम शामिल था। इसके बाद उन्होंने ईरान के साथ युद्ध शुरू करने के अपने फैसले का जबरदस्त बचाव किया। ट्रंप ने ईरान पर आरोप लगाया कि वह अमेरिका में मध्यावधि चुनाव से पहले होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खोलने के लिए समझौता करने और युद्ध की समाप्ति के लिए बातचीत की मेज पर आने में देरी कर रहा है।

‘चुनाव को बिल्कुल भी महत्व नहीं दिया’

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “जब ईरान की बात आती है, तो मैंने चुनाव को बिल्कुल भी महत्व नहीं दिया और न ही कभी दूंगा। यह विचार मेरे दिमाग में आता ही नहीं है।” ट्रंप के तेहरान के खिलाफ सैन्य हमलों का जिक्र शुरू करने के बाद ईरानी प्रतिनिमंडल के सदस्य संयुक्त राष्ट्र महासभा कक्ष से बाहर चले गए।

सीएनएन के कर्मचारी पर भड़के ट्रंप

संयुक्त राष्ट्र पहुंचने के बाद ट्रंप ने संवाददाताओं से संक्षिप्त बातचीत की, जिसमें उन्होंने कहा कि इस वैश्विक संस्था को संबोधित करना उनके लिए सम्मान की बात है। हालांकि, वह अचानक मीडिया संस्थानों के प्रति अपनी नाराजगी भी जाहिर करने लगे। ट्रंप ने सीएनएन, एमएस नाउ और पॉलिटिको जैसे मीडिया संस्थानों पर उनके राष्ट्रपति कार्यकाल की पक्षपातपूर्ण कवरेज करने का आरोप लगाते हुए पिछले सप्ताहांत व्हाइट हाउस (अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक निवास एवं कार्यालय) में उनके प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। इन मीडिया संस्थानों ने व्हाइट हाउस परिसर में अपनी पहुंच बहाल करने के लिए मुकदमा दायर किया है। संयुक्त राष्ट्र में संवाददाताओं की भीड़ के बीच ट्रंप सीएनएन के एक कर्मचारी पर भड़क गए। ट्रंप ने कहा, “मुझे हैरानी है कि सीएनएन यहां मेरी कवरेज कर रहा है। आपको यहां नहीं होना चाहिए।”

कई देशों के नेताओं से मुलाकात की संभावना

संयुक्त राष्ट्र महासभा में विश्व नेताओं की वार्षिक बैठक को संबोधित करने के बाद ट्रंप के ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम, जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ बातचीत करने की संभावना है। वह वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज के साथ एक अनौपचारिक बैठक भी कर सकते हैं। ट्रंप के खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के सदस्य देशों-बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई)- के नेताओं तथा वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात करने का कार्यक्रम है। इस दौरान ईरान में जारी युद्ध को लेकर आगे की रणनीति और तेहरान समर्थित विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब पर हाल में किए गए हमलों को लेकर बढ़ती चिंताओं पर चर्चा की जाएगी।

मध्यावधि चुनावों पर भी चर्चा

संयुक्त राष्ट्र का ट्रंप का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब उनकी विदेश नीति-खासकर ईरान के साथ युद्ध शुरू करने के उनके फैसले से अमेरिका के आगामी मध्यावधि चुनावों में कांग्रेस (अमेरिकी संसद) के दोनों सदनों पर नियंत्रण बनाए रखने की रिपब्लिकन पार्टी की उम्मीदों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। बहरहाल, ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि उनके नेतृत्व के दौरान दुनिया बेहतर स्थिति में है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “इतिहास के सबसे असाधारण देश के राष्ट्रपति के तौर पर मेरी कोई दिलचस्पी नहीं है कि खतरों को और बढ़ने दिया जाए। मैं समस्याओं को और गंभीर शक्ल लेने की अनुमति देने में यकीन नहीं रखता।”

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