PoJK में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर UN ने

PoJK में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर UN ने जताई चिंता, पाकिस्तान से जवाबदेही और मानवाधिकारों के सम्मान की मांग

Deputy Spokesperson for the UN Secretary-General Farhan Haq

जेनेवा (स्विट्जरलैंड)। संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई को लेकर अधिकारियों से जवाबदेही की मांग की है और इस बात पर जोर दिया है कि शांतिपूर्ण सभा के मौलिक अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए। इस क्षेत्र में मौजूदा स्थिति और मानवाधिकार संबंधी चिंताओं पर संयुक्त राष्ट्र की प्रेस ब्रीफिंग के दौरान मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए, संयुक्त राष्ट्र महासचिव के उप प्रवक्ता फरहान हक ने कहा कि सभी अधिकार क्षेत्रों में अधिकारियों को शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का सम्मान करना चाहिए।

फरहान हक ने तुर्क की चिंताओं का किया समर्थन

हक ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क द्वारा पहले जताई गई चिंताओं का जिक्र करते हुए कहा, "महासचिव अपने उच्चायुक्त के काम का समर्थन करते हैं, और हमें निश्चित रूप से उम्मीद है कि तुर्क की बातों पर ध्यान दिया जाएगा।" स्थानीय अधिकारियों द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के लिए जवाबदेही की विशेष मांगों का जिक्र करते हुए, हक ने इस बात पर जोर दिया कि प्रदर्शनकारियों कोहुए किसी भी नुकसान की जांच होनी चाहिए।

हक ने कहा, "यह महत्वपूर्ण है कि हर जगह सभी प्राधिकरण शांतिपूर्ण विरोध की अनुमति दें, और निश्चित रूप से यहां भी ऐसा ही होना चाहिए। अगर शांतिपूर्ण विरोध में शामिल होने के कारण लोगों को नुकसान पहुंचाया गया है, तो इसके लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए।" 

चुनाव से पहले PoJK में बढ़ते तनाव पर चिंता

उनकी यह टिप्पणी संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क द्वारा पिछले महीने विधानसभा चुनावों से पहले पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में बढ़ते अशांति के माहौल पर गंभीर चिंता जताने के बाद आई है। तुर्क ने पाकिस्तानी अधिकारियों से संयम बरतने, मौलिक अधिकारों की रक्षा करने और हुई हिंसा के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने का आग्रह किया था। एक प्रेस विज्ञप्ति में, तुर्क ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच शांति बनाए रखने की अपील की।

प्रदर्शनों में मौतों की निष्पक्ष जांच की मांग

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, चुनाव से पहले बढ़ती राजनीतिक अशांति के कारण जून से अब तक प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों सहित दर्जनों लोगों की मौत की खबरें हैं। उच्चायुक्त ने सभी मौतों की त्वरित, गहन और निष्पक्ष जांच की मांग की और इस बात पर जोर दिया कि जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए, चाहे पीड़ित प्रदर्शनकारी हों या सुरक्षा बलों के सदस्य।

JKJAAC पर प्रतिबंध को लेकर UN चिंतित

तुर्क ने आंदोलन का नेतृत्व करने वाले संगठन 'जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी' (JKJAAC) पर आतंकवाद-रोधी कानूनों के तहत प्रतिबंध लगाने के पाकिस्तान के फैसले पर भी चिंता व्यक्त की। JKJAAC, जिसमें व्यापारी, ट्रांसपोर्टर, छात्र, वकील और नागरिक समाज के कार्यकर्ता शामिल हैं, को सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने के आरोपों के तहत प्रतिबंधित कर दिया गया था, और बाद में इसके कई नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया था।

हिरासत में नेताओं के अधिकारों की रक्षा की अपील

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों का पालन करने की मांग करते हुए, हाई कमिश्नर ने कहा कि हिरासत में लिए गए JKJAAC नेताओं को तुरंत कानूनी सलाह और अपने परिवारों से मिलने की सुविधा दी जानी चाहिए। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि उचित कानूनी प्रक्रिया और निष्पक्ष सुनवाई के उनके अधिकारों का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए। ​(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

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