ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच अमेरिकी सेना के प्रम

ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी सेना में बड़ा फेरबदल, अपने पद से हटाए गए आर्मी चीफ रैंडी जॉर्ज

US Army Chief Removed Amid Iran Conflict, Leadership Shake-Up

वाशिंगटन (अमेरिका)। ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच अमेरिकी सेना के प्रमुख रैंडी ए जॉर्ज को उनके पद से हटा दिया गया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने उन्हें तत्काल सेवानिवृत्ति लेने के लिए कहा था। इस बीच, वाइस चीफ ऑफ स्टाफ जनरल क्रिस्टोफर ला-नेव को कार्यवाहक आर्मी चीफ नियुक्त किया गया है। रैंडी ए जॉर्ज के अलावा  दो अन्य प्रमुख जनरलों को भी बर्खास्त कर दिया गया है। चीफ ऑफ चैपलिन मेजर जनरल विलियम ग्रीन और यूएस आर्मी ट्रांसफॉर्मेशन एंड ट्रेनिंग कमांड के कमांडिंग जनरल जनरल डेविड होडने पर भी गाज गिरी है।

कई अन्य बड़े अधिकारियों पर भी गिर चुकी है गाज

इससे पहले भी हेगसेथ ने डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल जेफरी क्रूस को तब पद से हटा दिया था, जब एजेंसी के एक आकलन ने ईरान पर अमेरिकी हमलों की सफलता को ट्रंप के दावों से कम बताया था। इसके अलावा नाटो में अमेरिकी प्रतिनिधि वाइस एडमिरल शोशना चैटफील्ड और जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ के चेयरमैन सी.क्यू. ब्राउन को भी पदमुक्त किया जा चुका है।

अप्रत्याशित फैसले के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं

इस अप्रत्याशित फैसले के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पेंटागन ने भी गुरुवार को इस फैसले की पुष्टि की। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान युद्ध के जल्द समाप्त होने का ऐलान कर रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर वे मध्य पूर्व में अपने सैनिकों की संख्या भी बढ़ा रहे हैं।

दशकों की सेवा के बाद जॉर्ज की विदाई

पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता सीन पर्नेल ने कहा कि जॉर्ज 'तत्काल प्रभाव से सेना के 41वें चीफ ऑफ स्टाफ के पद से सेवानिवृत्त होंगे।' विभाग उनके 'देश के प्रति दशकों की सेवा' के लिए आभारी है। रैंडी के जबरन रिटायरमेंट के बाद, मौजूदा वाइस चीफ ऑफ स्टाफ जनरल क्रिस्टोफर ला-नेव को कार्यवाहक आर्मी चीफ नियुक्त किया गया है। 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के पूर्व कमांडर ला-नेव पहले हेगसेथ के सैन्य सहयोगी भी थे। ला-नेव इससे पहले दक्षिण कोरिया में आठवीं सेना की कमान संभाल रहे थे।

हेगसेथ के नेतृत्व में सेना में बड़े बदलाव

यह अचानक नेतृत्व परिवर्तन, हेगसेथ द्वारा अमेरिकी सैन्य ढांचे में किए जा रहे व्यापक बदलाव का हिस्सा है। वे पहले ही एक दर्जन से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों को हटा चुके हैं। हेगसेथ ने रक्षा विभाग को अपने तरीके से ढालने के लिए तेजी से कदम उठाए हैं। वे राष्ट्रपति ट्रंप के राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंडे को लागू करने के लिए शीर्ष जनरलों और एडमिरलों को हटाते रहे हैं।

ट्रंप प्रशासन की नीति का असर

माना जा रहा है ट्रंप प्रशासन उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है, जिन्हें पिछले प्रशासन की नीतियों से प्रभावित माना जाता है। यूएस मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हेगसेथ चार सैन्य अधिकारियों (दो महिलाओं और दो अश्वेत पुरुषों) को वन-स्टार जनरल बनाने की प्रक्रिया को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। वे पहले भी अमेरिकी सेना से 'डाइवर्सिटी, इक्विटी और इंक्लूजन' नीतियों को हटाने की बात कर चुके हैं।

पहले भी हो चुकी हैं बड़ी बर्खास्तगियां

रैंडी पिछले साल फरवरी में हुई शुरुआती बर्खास्तगी की लहर से बच गए थे, जिनमें जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल चार्ल्स क्यू ब्राउन जूनियर और नौसेना प्रमुख एडमिरल लीसा फ्रैंचेटी और एयर फोर्स के नंबर-2 अधिकारी जनरल जेम्स स्लिफ को हटाया गया था। इसके बाद से एक दर्जन से अधिक अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी या तो समय से पहले सेवानिवृत्त हो चुके हैं या उन्हें उनके पदों से हटा दिया गया है। इनमें जॉर्ज के डिप्टी, आर्मी के वाइस चीफ ऑफ स्टाफ जनरल जेम्स मिंगस भी शामिल थे। इन्हें इस पद पर दो साल से कम समय हुआ था।

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