अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, वाशिंगटन और तेहरान ह

अमेरिका और ईरान के बीच हमलों को रोकने पर बनी सहमति, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित गुजरेंगे जहाज

ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

वॉशिंगटन डीसी (अमेरिका): पिछले चार महीनों से जारी भारी सैन्य संघर्ष और तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक सफलता के संकेत मिले हैं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, दोनों पक्ष हमलों को रोकने और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण जलमार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से वाणिज्यिक जहाजों को स्वतंत्र रूप से आवागमन की अनुमति देने पर सहमत हो गए हैं। तनाव को कम करने के उद्देश्य से दोनों देशों के बीच समझौता ज्ञापन के कई बिंदुओं पर तकनीकी वार्ता जारी रहेगी।

तनाव के चरम पर पहुंचने के बाद आई राहत

यह सकारात्मक संकेत तब सामने आए हैं जब बीते शुक्रवार को ईरान ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि होर्मुज जलमार्ग से केवल उन्हीं जहाजों को सुरक्षित जाने दिया जाएगा, जो ईरानी सरकार से सीधे समन्वय करेंगे। इसके तुरंत बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर ओमान के तट के पास एक कमर्शियल जहाज को ड्रोन से निशाना बनाने का आरोप लगाया, जिसके जवाब में अमेरिकी केंद्रीय कमान ने कई ईरानी ठिकानों पर जवाबी हमले किए थे।

डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी और ईरान का पलटवार

सैन्य कार्रवाई के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए लिखा था, ''संयुक्त राज्य अमेरिका के विमानों ने युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने पर ईरानी मिसाइल, ड्रोन और तटीय रडार साइटों पर हमला किया है।'' उन्होंने ईरान के अस्तित्व पर खतरा पैदा करने की बात कहते हुए लिखा, ''एक ऐसा समय आ सकता है जब हमें सैन्य रूप से काम पूरा करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। अगर ऐसा हुआ, तो ईरान का इस्लामी गणराज्य अस्तित्वहीन हो जाएगा!''

ईरान ने अमेरिका पर लगाया युद्धविराम उल्लंघन का आरोप

इस चेतावनी के तुरंत बाद रविवार को ईरान ने कुवैत और बहरीन पर सैन्य हमले किए और अमेरिका पर युद्धविराम उल्लंघन का आरोप लगाया, हालांकि इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

कतर में आमने-सामने होंगे दोनों देश

इस भारी सैन्य और शाब्दिक तनाव के बावजूद बैकचैनल कूटनीति सक्रिय रही। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और अन्य विवादित मुद्दों से संबंधित तकनीकी वार्ता को फिर से शुरू करने के लिए दोनों विरोधी देश मंगलवार को कतर में एक बैठक करने वाले हैं। इस बैठक में त्वरित फैसलों की आवश्यकता होगी, क्योंकि मौजूदा समझौता ज्ञापन के कई प्रावधान केवल 60 दिनों के लिए ही वैध हैं, जिन्हें आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जा सकता है।

मंगलवार को होनेवाली वार्ता बेहद अहम

इस संघर्ष के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था और अमेरिका में गैस की कीमतों में भारी उछाल आया था। साथ ही इजरायल और यूरोपीय सहयोगियों के साथ अमेरिका के रिश्तों में भी खिंचाव देखा जा रहा था। ऐसे में मंगलवार को होनेवाली वार्ता को बेहद अहम माना जा रहा है।