अमेरिकी मध्यावधि नतीजों के बाद इजरायल में सियासी घ

यायर गोलान का नेतन्याहू पर हमला: अमेरिकी मिडटर्म नतीजों के बाद इजरायल में गहराया सियासी संकट

Israeli Democrats leader Yair Golan

यरूशलेम (इजरायल)। अमेरिका के मध्यावधि चुनावों (मिडटर्म इलेक्शन) के नतीजे सामने आने के बाद मध्य पूर्व की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। वाशिंगटन में सत्ता समीकरण बदलने के बाद क्षेत्रीय नेताओं ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। इसी कड़ी में इजरायली 'डेमोक्रेट्स' पार्टी के नेता यायर गोलान ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर बड़ा हमला बोला है।

गोलान ने सोशल मीडिया पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि चुनाव के नतीजे अमेरिकी दलों डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन के बीच नेतन्याहू को लेकर बनी गहरी नाराजगी को उजागर करते हैं। उन्होंने दावा किया कि ये परिणाम साफ दिखाते हैं कि नेतन्याहू दोनों अमेरिकी दलों के बीच कितने अलोकप्रिय हो चुके हैं।

इजरायल पर मंडराता संकट

नेतन्याहू और राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर की नीतियों पर निशाना साधते हुए गोलान ने आगाह किया कि इस मौजूदा सरकार का कार्यकाल देश को एक खतरनाक दिशा में ले जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे इजरायल पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लग सकते हैं, देश दुनिया से कट सकता है और सबसे अहम सहयोगी अमेरिका के साथ भी टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है।

देश की रणनीतिक स्थिति और सुरक्षा को बचाने के लिए गोलान ने तुरंत राजनीतिक बदलाव की पुरजोर वकालत की। उन्होंने कहा कि इजरायल को एक ऐसी सरकार चाहिए जो दुनिया में देश की साख को दोबारा बहाल करे और दीर्घकालिक रणनीतिक हितों को सुरक्षित रखे।

सुपर स्पार्टा बनाम सुरक्षित इजरायल

भविष्य के रास्तों की तुलना करते हुए विपक्षी नेता ने कहा कि आज देश के सामने एक बेहद अहम और स्पष्ट विकल्प है। एक तरफ नेतन्याहू का 'सुपर स्पार्टा' जैसा इजरायल है जो दुनिया से बहिष्कृत, पिछड़ा और अलग-थलग पड़ चुका है, तो दूसरी तरफ एक मजबूत, उन्नत, स्वतंत्र और सुरक्षित इजरायल का मार्ग है।

गोलान ने कड़े शब्दों में कहा कि नेतन्याहू चुनाव हार चुके हैं और वह देश के लिए खतरनाक साबित हो रहे हैं। हमारे पास गंवाने के लिए वक्त नहीं है, इसलिए तुरंत एक नई बदलाव वाली सरकार का गठन किया जाना चाहिए।

ईरान की तीखी प्रतिक्रिया

इस बीच, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर घालीबाफ ने भी अमेरिकी चुनावी नतीजों पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी जनता के इस जनादेश से साफ जाहिर होता है कि वहां के नागरिक युद्ध और संघर्ष को खारिज कर रहे हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी बात रखते हुए घालीबाफ ने कहा कि चाहे बात अंतरात्मा की हो या बढ़ती महंगाई की, अमेरिकियों ने युद्ध को साफ ना कह दिया है और हम इस संदेश का पूरा समर्थन करते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी सरकार अंतरराष्ट्रीय ताकतों के दबाव में आकर अपनी जनता की इच्छाओं के साथ छल करती है, तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

सत्ता समीकरण में बड़ा फेरबदल

ये तमाम प्रतिक्रियाएं 3 नवंबर को हुए अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद सामने आई हैं। शुरुआती रुझान और आंकड़े बताते हैं कि डेमोक्रेट्स ने अमेरिकी कांग्रेस पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। उन्होंने सीनेट में जीत दर्ज करने के साथ ही हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में भी कई सीटों पर महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली है।

यह राजनीतिक फेरबदल एक कड़े मुकाबले के बाद देखने को मिला है, जहां घरेलू आर्थिक दबाव और विदेश नीति से जुड़े तनाव, खासकर ईरान के साथ चल रहा सैन्य टकराव, मतदाताओं के बीच मुख्य मुद्दे बने रहे। हाउस की सभी 435 और सीनेट की 35 सीटों पर हुए इन चुनावों ने वाशिंगटन की सियासी तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया है, जिससे रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत कमजोर हुआ है। (इनपुट: ANI)

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