अमेरिका ने नए खतरे के बीच ब्रिटेन के आरएएफ फेयरफोर

नई धमकी के बाद अमेरिका ने ब्रिटेन के आरएएफ फेयरफोर्ड से सभी बमवर्षक विमान वापस बुलाए

US Recalls Bombers From Britain After New Threat

लंदन [ब्रिटेन]: सीएनएन ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि ब्रिटेन के आरएएफ फेयरफोर्ड में तैनात सभी लंबी दूरी के बमवर्षक विमानों को एक अज्ञात नए खतरे के मद्देनजर अमेरिका में उनके मूल ठिकानों पर वापस भेज दिया गया है। यह कदम ब्रिटेन के एयरबेस को निशाना बनाने की कथित ईरानी साजिश की चल रही जांच के बीच उठाया गया है।

सभी अमेरिकी बमवर्षक विमानों की वापसी

अमेरिकी अधिकारी ने सीएनएन को बताया, "हम अब यह स्वीकार कर सकते हैं कि आरएएफ फेयरफोर्ड में तैनात सभी अमेरिकी बमवर्षक विमानों को अमेरिका में उनके मूल ठिकानों पर वापस भेज दिया गया है।" अधिकारी ने खतरे की प्रकृति के बारे में कोई जानकारी नहीं दी और न ही विमानों को स्थानांतरित करने का कारण बताया।

खतरे को बताया गया 'वास्तविक दुनिया की घटना'

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, मामले से परिचित एक सूत्र ने नवीनतम खतरे को "वास्तविक दुनिया की घटना" बताया। सूत्र ने सीएनएन को यह भी बताया कि अमेरिकी सेना के लिए बमवर्षक विमानों को क्षेत्र के किसी अन्य अड्डे पर तैनात करने के बजाय उन्हें उनके मूल ठिकानों पर वापस भेजना असामान्य बात है।

अमेरिकी बमवर्षकों की तैनाती का प्रमुख केंद्र है फेयरफोर्ड

आरएएफ फेयरफोर्ड का उपयोग ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल अमेरिकी बी-1 बमवर्षक विमानों की तैनाती के लिए किया जाता रहा है। यह अमेरिकी ग्लोबल स्ट्राइक कमांड के संचालन केंद्र के रूप में भी कार्य करता है, जो लंबी दूरी के हमलों के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार है।

एयरबेस को निशाना बनाने की कथित साजिश

यह स्थानांतरण उस घटना के कुछ दिनों बाद हुआ है, जब ब्रिटिश अधिकारियों ने कथित ईरानी साजिश के सिलसिले में कई लोगों को गिरफ्तार किया था। इस साजिश का निशाना वह हवाई अड्डा था, जहां अमेरिकी विमान तैनात थे। ब्रिटिश पुलिस ने 27 सितंबर को आरएएफ फेयरफोर्ड के पास आतंकी गतिविधियों और विस्फोटक सामग्री से जुड़े अपराधों के संदेह में पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। लंदन क्षेत्र के रहने वाले 23 से 25 वर्ष की आयु के इन ब्रिटिश नागरिकों को बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया।

पुलिस को वैन में नहीं मिली विस्फोटक सामग्री

पुलिस ने पुष्टि की कि घटनास्थल पर मौजूद तीन वैन में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली। उनकी रिहाई पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी आलोचना करते हुए कहा, "मैं ऐसा नहीं करता।" कथित साजिश के सिलसिले में गुरुवार को एक 25 वर्षीय ब्रिटिश-ईरानी दोहरी नागरिकता वाले व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया।

ईरान ने आरोपों से किया इनकार

ईरान ने इस घटना में संलिप्तता से इनकार किया है और आरोपों को निराधार बताया है। आरोपों के बाद तेहरान ने तेहरान में ब्रिटिश राजदूत को भी तलब किया।

(एएनआई)

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