अमेरिका ने छत्तीसगढ़ की फर्म SBL एनर्जी और उसके CEO पर लगाया कड़ा प्रतिबंध, सूडान गृहयुद्ध से जुड़े तार
वाशिंगटन डीसी: संयुक्त राज्य अमेरिका ने सूडान में चल रहे गृहयुद्ध को भड़काने और सैन्य आपूर्ति करने वाले नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को अमेरिकी वित्त विभाग ने एक भारतीय नागरिक और छत्तीसगढ़ स्थित एक विस्फोटक निर्माता कंपनी समेत आठ व्यक्तियों और संस्थाओं पर कड़े प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। अमेरिकी वित्त विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) के अनुसार, इन नेटवर्कों ने सूडानी सशस्त्र बलों (SAF) और अर्धसैनिक त्वरित सहायता बलों (RSF) दोनों को रसद और सैन्य सामग्री पहुंचाई, जिससे सूडान में मानवीय संकट और गहरा गया है।
छत्तीसगढ़ की कंपनी और उसके CEO पर गिरी गाज
प्रतिबंधों के दायरे में आए लोगों में छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित एसबीएल एनर्जी लिमिटेड (SBL Energy Limited) और कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) आलोक चौधरी शामिल हैं। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने कंपनी और उसके सीईओ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। SBL एनर्जी ने सूडान स्थित 'टार्गेट मल्टीएक्टिविटीज कंपनी लिमिटेड' (TMAC) को विस्फोटक और संबंधित सामग्री की आपूर्ति की। यह कंपनी सूडान की रक्षा उद्योग प्रणाली (DIS) द्वारा 'जियाद औद्योगिक समूह' के जरिए नियंत्रित की जाती है (ये दोनों पहले से ही अमेरिकी प्रतिबंध सूची में हैं)। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि SBL एनर्जी के भेजे गए विस्फोटकों का इस्तेमाल सूडानी सशस्त्र बलों द्वारा बम बनाने में किया गया था।
200 से अधिक खेप भेजने का आरोप
अमेरिकी बयान के मुताबिक, आलोक चौधरी की अगुवाई में SBL एनर्जी ने साल 2024 से अब तक TMAC को विस्फोटकों की 200 से अधिक खेपें भेजी हैं। इसके चलते कंपनी और चौधरी दोनों को कार्यकारी आदेश 14098 के तहत प्रतिबंधित किया गया है।
भर्ती नेटवर्क से जुड़े अन्य देशों के लोग भी प्रतिबंधित
इस प्रतिबंध पैकेज में केवल भारतीय कंपनी ही शामिल नहीं है, बल्कि अन्य वैश्विक नेटवर्क पर भी कार्रवाई की गई है। इनमें सूडान की फर्म 'टार्गेट मल्टीएक्टिविटीज कंपनी लिमिटेड' और 'पोर्ट्स इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड', सूडानी नागरिक तारिक हुसैन मुहम्मद मदानी, भर्ती नेटवर्क से जुड़े पनामा और कोलंबिया के तीन व्यक्ति शामिल हैं। इन पर RSF की ओर से लड़ने के लिए पूर्व कोलंबियाई सैन्य कर्मियों की अवैध तैनाती करने का आरोप है।
ट्रंप प्रशासन की सूडान में शांति की अपील
इस बड़ी घोषणा के बाद अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ट्रंप प्रशासन सूडान में शांति बहाल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, "सूडान संघर्ष से मुनाफा कमाने वाले नेटवर्क मानवीय युद्धविराम की कोशिशों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।" अमेरिका ने सूडान के दोनों लड़ाकू पक्षों (SAF और RSF) से तत्काल बिना शर्त तीन महीने का मानवीय युद्धविराम स्वीकार करने की अपील की है।
क्या होंगे इस प्रतिबंध के मायने?
इन प्रतिबंधों के लागू होने के बाद, अमेरिका के अधिकार क्षेत्र में आने वाली इन नामित व्यक्तियों और संस्थाओं की सभी संपत्तियां और वित्तीय हित पूरी तरह फ्रीज (Block) कर दिए गए हैं। इसके अलावा, कोई भी अमेरिकी नागरिक या संस्था अब इनके साथ किसी भी तरह का व्यावसायिक लेनदेन नहीं कर पाएगी।