अमेरिका का गुप्त Oil Corridor: Strait of Hormuz से रोज 1 करोड़ बैरल कच्चा तेल निकालने का बड़ा ऑपरेशन
वॉशिंगटन (अमेरिका)। ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच अमेरिका ने Strait of Hormuz के रास्ते कच्चे तेल की आवाजाही बनाए रखने के लिए एक गुप्त समुद्री शिपिंग कॉरिडोर तैयार किया है। Axios की रिपोर्ट के मुताबिक, इस अमेरिकी सैन्य अभियान के जरिए रोजाना करीब 1 करोड़ बैरल तेल अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाया जा रहा है। यह ऑपरेशन ऐसे समय में चल रहा है जब संघर्ष गतिरोध की स्थिति में है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान के साथ हुए 60-दिवसीय युद्धविराम को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया है।
दक्षिणी समुद्री मार्ग से हर रात गुजर रहे 15 से 20 टैंकर
Axios ने दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि यह समुद्री कॉरिडोर पिछले कई हफ्तों से सक्रिय है। हर रात करीब 15 से 20 तेल टैंकर ओमान के तट के समानांतर बने दक्षिणी समुद्री मार्ग से गुजर रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक इस रास्ते से फिलहाल करीब 1 करोड़ बैरल कच्चा तेल प्रतिदिन खाड़ी से बाहर अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच रहा है।
यह संघर्ष से पहले की मात्रा का लगभग आधा है। अमेरिकी अभियान केवल तेल से लदे टैंकरों को सुरक्षित निकालने तक सीमित नहीं है। खाली टैंकरों को भी अरब सागर से Strait of Hormuz के रास्ते खाड़ी के बंदरगाहों तक पहुंचने में मदद दी जा रही है, ताकि वे वहां तेल लोड कर वापस अंतरराष्ट्रीय बाजारों की ओर जा सकें।
अमेरिकी सैन्य निगरानी में इनबाउंड-आउटबाउंड काफिले
इस पूरे अभियान का समन्वय अमेरिका की एक टास्क फोर्स कर रही है, जो नॉर्थ कैरोलिना के Fort Bragg स्थित सेना मुख्यालय से काम कर रही है। इसमें क्षेत्रीय Gulf partners भी सहयोग कर रहे हैं। टैंकरों को निर्धारित व्यवस्था के तहत इनबाउंड और आउटबाउंड काफिलों में संगठित किया जाता है। ये काफिले अमेरिकी सैन्य दिशा-निर्देशन में दक्षिणी समुद्री कॉरिडोर से होकर गुजरते हैं।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस समुद्री मार्ग को व्यवहारिक बनाने में अमेरिकी Central Command की हालिया दो सप्ताह की सैन्य कार्रवाई की अहम भूमिका रही। इस अभियान में ईरान की रडार क्षमताओं और समुद्री निगरानी ढांचे को नुकसान पहुंचने का दावा किया गया है।
ड्रोन और क्रूज मिसाइलों के खतरे के बीच एयर डिफेंस कवर
तेल टैंकरों की आवाजाही को सुरक्षा देने के लिए अमेरिकी वायुसेना संभावित ईरानी ड्रोन और क्रूज मिसाइल हमलों के खिलाफ एयर डिफेंस कवर भी उपलब्ध करा रही है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, हालिया हमलों के बाद दक्षिणी समुद्री मार्ग पर ईरान की निगरानी क्षमता सीमित हो गई है। वहां अब कुछ ही मरम्मत किए गए रडार स्टेशन और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की छोटी नौकाओं पर तैनात पर्यवेक्षक निगरानी कर रहे हैं।
अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि ईरानी बलों ने उन समुद्री मार्गों की ओर मिसाइलें दागी हैं, जिन्हें वे शिपिंग लेन मान रहे थे। हालांकि, अमेरिकी सेना ने आने वाले कई खतरों को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया।
कभी-कभी 2 करोड़ बैरल प्रतिदिन तक पहुंची आवाजाही
पिछले दो सप्ताह के दौरान रात में 15 से 20 टैंकरों की आवाजाही ने तेल निर्यात को प्रतिदिन करीब 1 करोड़ बैरल के स्तर पर स्थिर रखने में मदद की है। हालांकि, कुछ मौकों पर तेल की आवाजाही 1.5 करोड़ से 2 करोड़ बैरल प्रतिदिन तक भी पहुंची। इसके बावजूद ऊर्जा आपूर्ति अभी संघर्ष से पहले के स्तर से काफी नीचे है। फिर भी अमेरिकी सैन्य अभियान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा-ट्रांजिट क्षेत्रों में से एक में संघर्ष के कारण पैदा हुए बड़े आर्थिक व्यवधान को कम करने में मदद की है।
ट्रंप का दावा- Strait of Hormuz से निकल रहा है भारी मात्रा में तेल
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक्सियोस से बातचीत में कहा, "होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से भारी मात्रा में तेल निकल रहा है।" हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वॉशिंगटन की तेहरान के साथ इस समय कोई बातचीत नहीं चल रही है। ट्रंप इससे पहले भी कह चुके हैं कि Strait of Hormuz खुला हुआ है और इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण है। यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में तेल और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर लगातार अनिश्चितता बनी हुई है।
अमेरिकी ऑपरेशन की पूरी जानकारी पहली बार सामने आई
Axios के मुताबिक, अमेरिका द्वारा संचालित इस समुद्री मार्ग के वास्तविक ऑपरेशनल तौर-तरीकों का पूरा विवरण इससे पहले सार्वजनिक नहीं किया गया था। Strait of Hormuz 28 फरवरी को संघर्ष बढ़ने के बाद से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का एक प्रमुख केंद्र बना हुआ है। इस दौरान तेल आपूर्ति में बार-बार व्यवधान आया और इस बात को लेकर भी परस्पर विरोधी दावे सामने आते रहे कि समुद्री मार्ग वास्तव में खुला है या अवरुद्ध। ट्रंप पहले इस रणनीतिक जलमार्ग को अमेरिकी क्षेत्र तक बता चुके हैं। ऐसे में यहां अमेरिकी सैन्य नियंत्रण के तहत तेल टैंकरों की आवाजाही केवल ऊर्जा आपूर्ति का मामला नहीं, बल्कि व्यापक रणनीतिक और भू-राजनीतिक महत्व भी रखती है।
क्यों इतना अहम है Strait of Hormuz?
Strait of Hormuz वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण चॉक प्वॉइंट है। रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया की कुल तेल खपत का करीब 20 फीसदी और वैश्विक स्तर पर कारोबार किए जाने वाले तेल का लगभग एक-चौथाई हिस्सा इस मार्ग से जुड़ा है। इसके अलावा, यहां से प्रतिदिन करीब 11.4 अरब क्यूबिक फीट liquefied natural gas (LNG) की आवाजाही भी होती है।
संघर्ष के बीच इस समुद्री मार्ग से तेल की आवाजाही बनाए रखना अमेरिका और वैश्विक ऊर्जा बाजारों, दोनों के लिए बड़ा रणनीतिक मुद्दा बन गया है। मौजूदा अमेरिकी कॉरिडोर ने कम से कम अभी के लिए इस महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग पर आपूर्ति के पूर्ण ठहराव की आशंका को कम किया है। (भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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