अमेरिकी हमलों के बाद दक्षिण-पश्चिमी ईरान के खोरमोज

अमेरिकी हमलों से दक्षिण-पश्चिम ईरान दहला, कई इलाकों में बिजली गुल; तनाव और गहराया

Iran Faces Crisis After US Strikes

तेहरान (ईरान): अमेरिकी हमलों के बाद दक्षिण-पश्चिमी ईरान के खोरमोज शहर के कुछ हिस्सों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तसनीम ने स्थानीय अधिकारियों के हवाले से बताया कि बुशहर प्रांत के दश्ती काउंटी के प्रशासनिक केंद्र के कई इलाकों में हमलों के बाद बिजली गुल हो गई।

रणनीतिक क्षेत्र को बनाया गया निशाना

लक्षित क्षेत्र खाड़ी तट पर स्थित है और रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य के बेहद करीब है। रिपोर्टों के मुताबिक, यहां इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसैनिक और सैन्य सुविधाएं मौजूद हैं। हमले के बाद स्थानीय बिजली ग्रिड प्रभावित हो गया।

अमेरिका ने नौवें दिन भी जारी रखे हमले

यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ लगातार नौवें दिन चलाए गए सैन्य अभियान का हिस्सा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की वाणिज्यिक जहाजों को बाधित करने की क्षमता को कमजोर करने के उद्देश्य से हमलों की नई लहर शुरू की है।

कई शहरों में विस्फोट की खबर

तसनीम समाचार एजेंसी के अनुसार, सोमवार तड़के तब्रीज़, चाबहार, कोनारक, बंदर महशहर और बंदर इमाम खुमैनी समेत कई शहरों में भी विस्फोटों की सूचना मिली। हालांकि अमेरिकी सेना ने इन अभियानों के विस्तृत परिचालन विवरण सार्वजनिक नहीं किए हैं। फीफा विश्व कप फाइनल से लौटने के बाद मीडिया से बातचीत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा, "हमने आज रात फिर उन पर बहुत जोरदार हमला किया और यह शुक्रवार से जान गंवाने वाले अमेरिकी सैन्य कर्मियों के सम्मान में किया।"

अमेरिकी सैनिकों की मौत का आंकड़ा बढ़ा

अमेरिकी सेना के अनुसार, उत्तरी इराक में एक ईरानी ड्रोन पर लगे अविस्फोटित बम को निष्क्रिय करते समय एक सैनिक की मौत हो गई। वहीं, जॉर्डन में दो अन्य सैनिकों की मौत की पुष्टि की गई है और एक सैनिक अब भी लापता है। सेंट्रल कमांड ने बताया कि हालिया घटनाओं के बाद अमेरिकी सैन्य मृतकों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है, जबकि 420 से अधिक सैनिक घायल हुए हैं।

ईरान का पलटवार

अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने सीरिया के अल-तनफ क्षेत्र में अमेरिकी विशेष अभियान मुख्यालय को निशाना बनाया। इससे पहले ईरान ने कुवैत के अल-अदिरी कैंप और अली अल सलेम एयर बेस पर भी ड्रोन हमले किए थे।

कुवैत में भी असर

कुवैत सरकार ने बताया कि एक जल विलवणीकरण संयंत्र पर लगातार दूसरे दिन हमला हुआ, जिससे वहां आग लग गई। अधिकारियों ने इसे नागरिक बुनियादी ढांचे पर जानबूझकर किया गया हमला बताया। लगातार बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री परिवहन को लेकर वैश्विक चिंताएं बढ़ गई हैं। सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत में करीब 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जो 11 जून के बाद का उच्चतम स्तर है। इस बीच, ब्रिटेन की यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने ओमान तट के पास एक जहाज में आग लगने की सूचना दी है। हालांकि आग लगने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

अमेरिकी दूतावास ने जारी की एडवाइजरी

बहरीन स्थित अमेरिकी दूतावास ने सुरक्षा सलाह जारी करते हुए कहा कि उसे ऐसी खुफिया जानकारी मिली है, जिससे संकेत मिलता है कि ईरान राजधानी मनामा में कुछ स्थानों को निशाना बना सकता है। दूतावास ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

संघर्ष लगातार हो रहा गहरा

एक महीने पहले हुए अस्थायी युद्धविराम के टूटने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। रणनीतिक समुद्री मार्गों पर नियंत्रण को लेकर दोनों देशों के बीच टकराव तेज हो गया है, जिसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी साफ दिखाई दे रहा है।

(एएनआई)

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