US का ईरान पर बड़ा एक्शन, 'शैडो ऑयल इकॉनमी' पर बढ़ाया प्रतिबंध
वॉशिंगटन डीसी: अमेरिका ने ईरान की अवैध तेल अर्थव्यवस्था को निशाना बनाते हुए "शैडो ऑयल इकॉनमी" पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की है। ये कदम खासतौर पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और उसके सहयोगी समूहों पर लगाया गया है, जिनपर आरोप है कि वे अवैध तेल से आने वाले अरबों डॉलर के राजस्व का इस्तेमाल मिडिल ईस्ट में सैन्य गतिविधियों और आतंकवादी ऑपरेशन्स के लिए कर रहे हैं।
ईरान की सैन्य और आतंकी गतिविधियों को रोकना मकसद
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने बताया कि ये प्रतिबंध वॉशिंगटन के 'इकोनॉमिक फ्यूरी' अभियान का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाकर उसकी सैन्य और आतंकवादी गतिविधियों को रोकना है। उन्होंने कहा कि ये नए कदम अरबों डॉलर के अवैध तेल राजस्व को रोकेंगे, जिससे IRGC और उसके प्रॉक्सी समूहों को फंडिंग मिलने में रुकावट आएगी।
हांगकांग के तेल बिक्री नेटवर्क पर बड़ा आरोप
इन प्रतिबंधों में उन संस्थाओं, व्यक्तियों और जहाजों को शामिल किया गया है, जो ईरान के पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल उत्पादों के परिवहन और व्यापार में संलिप्त हैं। खासतौर पर हांगकांग के एक तेल बिक्री नेटवर्क पर भी रोक लगाई गई है, जिस पर अरबों डॉलर के लाखों बैरल ईरानी तेल की हेराफेरी का आरोप है। इस नेटवर्क के जरिए IRGC और ईरानी सैन्य तंत्र को सीधे वित्तीय सहायता मिलती रही है।
वैश्विक व्यापारियों और कंपनियों को दी चेतावनी
अमेरिका ने वैश्विक व्यापारियों और कंपनियों को भी स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो भी ईरानी तेल के गैर-कानूनी व्यापार में शामिल होगा, उसे US प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा। यह प्रतिबंध 'एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के तहत लगाए गए हैं, जिनका मकसद आतंकवादी समूहों और उनकी वित्तीय सहायता करने वालों को रोकना है।
वित्तीय नेटवर्क पर कसेगा शिकंजा
साथ ही, 'रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस' प्रोग्राम के तहत IRGC और उसकी शाखाओं से जुड़ी जानकारी देने पर 15 मिलियन डॉलर तक का इनाम भी रखा गया है, जिससे इनके वित्तीय नेटवर्क को कमजोर किया जा सके। IRGC के प्रॉक्सी समूह, जैसे हमास और हिज्बुल्लाह, भी इस वित्तीय जाल से जुड़े हुए हैं, जो मिडिल ईस्ट में अस्थिरता फैलाने का एक बड़ा जरिया हैं।
यह भी पढ़ें- होर्मुज़ स्ट्रेट और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर समझौते के करीब पहुंचा अमेरिका
यह भी पढ़ें- हमीरपुर में तेज तूफ़ान से निर्माणाधीन पुल गिरा, पांच मजदूरों की मौत