ट्रंप-शी शिखर बैठक से पहले अमेरिका सख्त, ताइवान पर चीन की धमकियों के खिलाफ सीनेट में प्रस्ताव
वाशिंगटन: अमेरिका और चीन के बीच होने वाली अहम शिखर बैठक से पहले अमेरिकी सांसदों ने ताइवान को लेकर चीन के बढ़ते दबाव पर कड़ा रुख अपनाया है। ताइपे टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सीनेट में एक प्रस्ताव पेश किया गया है, जिसका उद्देश्य ताइवान जलडमरूमध्य में शांति और स्थिरता बनाए रखना है।
द्विदलीय समर्थन के साथ प्रस्ताव पेश
अमेरिकी सीनेट की विदेश संबंध समिति के अनुसार, यह प्रस्ताव डेमोक्रेटिक सीनेटर जीन शाहीन और क्रिस कून्स के साथ-साथ रिपब्लिकन सीनेटर पीट रिकट्स द्वारा पेश किया गया है। यह प्रस्ताव अमेरिका-चीन संबंधों के संवेदनशील दौर में राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक हितों को लेकर दोनों दलों की साझा चिंता को दर्शाता है।
हिंद-प्रशांत में रणनीतिक फोकस
प्रस्ताव में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी रणनीति को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। इसके तहत अमेरिकी श्रमिकों और व्यवसायों को चीन की अनुचित आर्थिक नीतियों से बचाने, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उभरती तकनीकों में नेतृत्व बनाए रखने, और सहयोगियों के साथ संबंध मजबूत करने की बात कही गई है।
ताइवान जलडमरूमध्य में बढ़ता तनाव
प्रस्ताव में कहा गया है कि चीन ने अपनी सैन्य क्षमताओं का तेजी से विस्तार किया है, जिससे ताइवान जलडमरूमध्य और दक्षिण चीन सागर जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में नौवहन की स्वतंत्रता पर खतरा बढ़ गया है। इसके साथ ही, चीन पर आरोप लगाया गया है कि वह दबाव और बल प्रयोग के जरिए क्षेत्र में यथास्थिति बदलने की कोशिश कर रहा है।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ताइवान को रोकने की कोशिश
रिपोर्ट के अनुसार, चीन अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर ताइवान की अंतरराष्ट्रीय संगठनों में भागीदारी को सीमित करने की कोशिश कर रहा है। सीनेटर पीट रिकट्स ने कहा कि “कम्युनिस्ट चीन अमेरिकी जीवनशैली के लिए सबसे बड़ा खतरा है और हमें अपने सहयोगियों के साथ खड़ा होना होगा।”
ट्रंप-शी बैठक पर नजरें
ताइपे टाइम्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 14 और 15 मई को चीन दौरे पर जाएंगे, जहां उनकी मुलाकात चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होगी। यह बैठक पिछले साल अक्टूबर में दक्षिण कोरिया के बुसान में हुई मुलाकात के बाद पहली आमने-सामने की शिखर वार्ता होगी।
(एएनआई)
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