आपदा से निपटने के लिए अमेरिका देगा ड्रोन और आधुनिक बुनियादी ढांचा सहायता
वाशिंगटन: अमेरिका ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में पुलों के निर्माण, प्रभावित समुदायों की बुनियादी नागरिक जरूरतों को पूरा करने और भविष्य में आपदा के बाद राहत एवं पुनर्बहाली प्रयासों में मदद के लिए ड्रोन की तैनाती में सहयोग के वास्ते नेपाल को 3.1 करोड़ अमेरिकी डॉलर की सहायता देने की घोषणा की है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर हुई द्विपक्षीय बैठक
राजनीतिक मामलों की विदेश उप मंत्री एलिसन हूकर ने मंगलवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र से इतर नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल से मुलाकात के बाद यह घोषणा की। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, हूकर ने नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के प्रति अमेरिका की गहरी संवेदना व्यक्त की। इनमें करीब 70 अमेरिकी नागरिकों के परिवार भी शामिल हैं, जिनका अभी तक पता नहीं चल पाया है।
एक करोड़ डॉलर की सहायता की योजना
बैठक के दौरान हूकर ने कहा कि अमेरिका कांग्रेस के साथ मिलकर एक करोड़ अमेरिकी डॉलर की सहायता उपलब्ध कराने की योजना बना रहा है। इसका इस्तेमाल स्थायी और जरूरत के अनुरूप तैयार किए गए पुलों के निर्माण के लिए किया जाएगा, जिन्हें अमेरिका एक अमेरिकी कंपनी से मंगवा रहा है। बयान में कहा गया है कि ये पुल प्रभावित क्षेत्रों में महत्वपूर्ण परिवहन बुनियादी ढांचे को बहाल करने और क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने में मदद करेंगे।
80 लाख डॉलर की अतिरिक्त सहायता की घोषणा
मंत्री ने प्रभावित समुदायों को पानी, स्वच्छता एवं साफ-सफाई के साथ-साथ आश्रय, संरक्षण, आजीविका और सर्दियों के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के वास्ते 80 लाख अमेरिकी डॉलर की अतिरिक्त सहायता देने की योजना की भी घोषणा की। मंत्रालय ने भविष्य में आपदा के बाद राहत एवं पुनर्बहाली प्रयासों में बेहतर सहायता के लिए अमेरिका में निर्मित ड्रोन उपलब्ध कराने पर 1.3 करोड़ अमेरिकी डॉलर खर्च करने की भी योजना बनाई है।
अमेरिका की कुल सहायता 3.6 करोड़ डॉलर से अधिक
इस सहायता की घोषणा के साथ नेपाल में बाढ़ से निपटने और पुनर्बहाली के प्रयासों के लिए अमेरिका की कुल सहायता 3.6 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गई है। बयान में कहा गया है कि अमेरिका नेपाल सरकार के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा ताकि जहां सबसे अधिक जरूरत हो, वहां अतिरिक्त सहायता की पहचान कर उसे उपलब्ध कराया जा सके। नेपाल में तिब्बत की सीमा के पास रसुवागढ़ी क्षेत्र में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ में कम से कम 1,451 लोगों की मौत हो गई और 6,000 से अधिक लोग लापता हैं।
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