अमेरिका ने रूस की दो बड़ी तेल कंपनियों पर लगाया प्रतिबंध
अमेरिका ने रूस की दो बड़ी तेल कंपनियों पर लगाया प्रतिबंध
ब्लादिमीर पुतिन पर यूक्रेन युद्ध समाप्त करने को दबाव बनाने की रणनीति
वाशिंग्टन डीसी। अमेरिका ने रूस की बड़ी तेल कंपनियों "रोसनेफ्ट" और "लुकोइल" पर प्रतिबंध लगा दिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में इसका एलान किया। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका ने यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए दबाव बनाने की रणनीति के तहत रूस की दो बड़ी तेल कंपनियों पर सख्त प्रतिबंध लगाए हैं। इससे पहले ब्रिटेन ने भी पिछले हफ्ते रोसनेफ्ट और लुकोइल पर प्रतिबंध लगाया था। अमेरिका ब्रिटेन ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा यूक्रेन वॉर खत्म करने से इनकार करने के कारण की गयी है।
अमेरिका द्वारा रूसी कंपनियों पर ये प्रतिबंध यूरोपीय देश हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में ट्रंप-पुतिन शिखर सम्मेलन के रद्द होने के एक दिन बाद लगाए गए हैं। इन प्रतिबंधों के तहत 2027 तक रूस से लिक्विफाइड नेचुरल गैस के आयात पर प्रतिबंध, मास्को द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले तेल टैंकरों को ब्लैक लिस्ट में डालना और रूसी डिप्लोमैट्स पर यात्रा प्रतिबंध शामिल हैं। इस बीच यूरोपीय संघ के देशों ने रूस के खिलाफ प्रतिबंधों के 19वें पैकेज को मंजूरी दे दी।
अमेरिका और ब्रिटेन द्वारा रूसी कंपनियों पर प्रतिबंध के बाद भारत में कच्चा तेल (Cruide Oil) की आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। ये कंपनियाँ रूस के कुल तेल उत्पादन और निर्यात का लगभग 50% संभालती हैं। रोसनेफ्ट और लुकोइल पर अमेरिका की ओर से प्रतिबंध लगने के बाद तेल की कीमतों में गुरुवार को 1 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। रॉयटर्स के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड वायदा 1.76 डॉलर या 2.81% बढ़कर 64.35 डॉलर पर पहुंच गया। यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड वायदा 1.68 डॉलर या 2.87% बढ़कर 60.18 डॉलर पर पहुंच गया।
याद रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस से तेल खरीदने के कारण भारत पर भारी टैरिफ लगाया है। ट्रम्प लगातार भारत पर ये आरोप लगाते रहते हैं कि तेल आयात पर रूस को भुगतान किये जाने वाली धनराशि का इस्तेमाल रूस यूक्रेन के खिलाफ करता है। लेकिन ट्रम्प ने भारत को तेल देने वाले रूस पर पहले युद्ध को लेकर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया था। ट्रम्प को रूस के साथ व्यापारिक उपायों पर भरोसा था। अमेरिका को उम्मीद थी कि ब्लादिमीर पुतिन यूक्रेन वॉर खत्म करने पर सहमत हो जाएंगे।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने एक बयान में कहा कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन की ओर से इस बेमतलब युद्ध को खत्म करने से इनकार के मद्देनजर वित्त मंत्रालय रूस की दो सबसे बड़ी तेल कंपनियों पर प्रतिबंध लगा रहा है। ये कंपनियां रूस की वॉर मशीन को फंड करती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि वित्त मंत्रालय यूक्रेन युद्ध खत्म करने के ट्रंप की कोशिशों को सपोर्ट करने के लिए जरूरत के मुताबिक, आगे की कार्रवाई करने को तैयार है।
बेसेंट का कहना है कि यह कदम रूस के खिलाफ अमेरिका के सबसे बड़े प्रतिबंधों में से एक है। बेसेंट ने प्रतिबंधों की आधिकारिक घोषणा से पहले फॉक्स बिजनेस को बताया कि पुतिन ईमानदार और स्पष्ट तरीके से बातचीत की मेज पर नहीं आए। ट्रंप ने महीनों तक नए प्रतिबंधों को टाला, यह कहते हुए कि उन्हें उम्मीद है कि पुतिन के साथ बढ़ती निराशा के बावजूद वह उन्हें शांति के लिए मना लेंगे।