यमन के हूतियों ने मक्का के पास ड्रोन हमले के सऊदी दावे को बताया मनगढ़ंत और झूठ
सना (यमन)। यमन के हूथी आंदोलन ने बुधवार को सऊदी अरब के उस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया कि समूह ने पवित्र शहर मक्का की ओर एक ड्रोन भेजा था। हूतियों ने इस आरोप को मनगढ़ंत और झूठ करार दिया है। टेलीग्राम पर जारी एक आधिकारिक बयान में, हूथी सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने सऊदी अरब के अल-सऊद शासन की आलोचना की। उन्होंने कहा कि उनके ऑपरेशन का निशाना हमेशा सऊदी सैन्य और तेल ठिकाने होते हैं, जो इस्लामी पवित्र स्थलों से काफी दूर स्थित हैं।
सऊदी गठबंधन का दावा और जवाबी आरोप
यह विवाद तब सामने आया जब सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने मक्का के पास एक ड्रोन को प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में घुसने से पहले ही नष्ट कर दिया। गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की ने इसे आतंकवादी कृत्य बताया था। इसके जवाब में हूती प्रवक्ता सरी ने आरोप लगाया कि सऊदी विमानों ने सप्ताह के दौरान यमन के कई प्रांतों में 450 से अधिक हवाई हमले किए हैं, जिनसे आम नागरिकों की जान गई है।
F-15 लड़ाकू विमान को मार गिराने का दावा
हूती प्रवक्ता याह्या सरी ने यह भी दावा किया कि उनके बलों ने मारिब के ऊपर एक सतह-से-हवा में मार करने वाली मिसाइल का इस्तेमाल करके सऊदी F-15 लड़ाकू विमान को मार गिराया। उन्होंने कहा कि हूथी बलों ने विमान के मलबे की तलाश कर रहे सऊदी समूहों के खिलाफ भी रक्षात्मक कार्रवाई की। हूतियों का कहना है कि वे यमन के हवाई क्षेत्र और अपनी संप्रभुता की रक्षा करना लगातार जारी रखेंगे और किसी भी उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
क्षेत्रीय संघर्ष और लाल सागर में तनाव
सऊदी गठबंधन की चेतावनी और हूतियों के इनकार के बीच दोनों पक्षों के बीच लड़ाई में तेज़ी देखी जा रही है। यह ताजा टकराव व्यापक पश्चिम एशिया संघर्ष के माहौल में हुआ है। हूतियों ने पहले भी सऊदी सैन्य और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले किए हैं। इसके अलावा, उन्होंने लाल सागर और बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य के पास व्यावसायिक जहाजों को भी निशाना बनाया है, जिससे इस अहम समुद्री मार्ग की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। (Source: ANI)
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