इडी की छापामारी व कागजात जब्ती से ममता नाराज
गृह मंत्री अमित शाह पर बरसीं,जैन के कार्यालय पहुंचीं और कागजात ले गईं
कोलकाता।
दिल्ली से आई इडी टीम ने कोयला घोटाले के ढाई साल पहले के एक मामले को लेकर टीएमसी से जुड़े आईपैक (I-PACK) के मालिक प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास और साल्टलेक के सेक्टर पांच स्थित कार्यालय में छापा मारा और जरूरी कागजात जब्त किया। इसकी सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहले प्रतीक जैन के आवास और उसके बाद कार्यालय पहुंचीं। उनके साथ पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आईपैक के कार्यालय से कुछ जरूरी कागजात को अपनी गाड़ी में रखवाया और इडी की कार्रवाई से नाराज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की कड़ी आलोचना की व उन पर केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर टीएमसी के कागजातों की चोरी कराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हिम्मत हो तो वे चुनाव में मुकाबला करें। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमित शाह को काबू में रखने को कहा। मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि यदि भाजपा के कार्यालय पर छापा मारा जाए तो कैसा लगेगा।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आईपैक के कार्यालय का करीब एक घंटा मुआयना करने के बाद कहा कि इडी पर टीएमसी का सारा डाटा, लैपटाप, आईफोन, तमाम जरूरी कागजात उठा कर ले गई। विधानसभा चुनाव के उम्मीदवारों की सूची, एसआईआर संबंधी जरूरी जानकारी, पार्टी की तैयार की गई रणनीति के कागजात, पार्टी फंड के हिसाब-किताब, हार्ड डिस्क आदि उठा कर ले जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आईपैक कार्यालय के मेज खाली कर दिए गए हैं। टीएमसी रजिस्टर्ड पार्टी है और इनकम टैक्स देती है। आय-व्यय की जानकारी की जरूरत थी तो इनकम टैक्स के कार्यालय से जनकारी ली जा सकती है। उन्होंने इडी द्वारा की गई छापेमारी और कागजातों की उठा कर ले जाने को अपराध और यह सब कराने वाले को अपराधी बताया। उनका इशारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर था।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि विधानसभा चुनाव से भयभीत होकर टीएमसी के कागजात की चोरी कराई गई है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह क निशाना साधते हुए कहा कि केंद्रीय एजेंसी से इस तरह का काम करवा कर भाजपा का पश्चिम बंगाल पर कब्जा नहीं हो सकता। उन्होंने अमित शाह को विधानसभा चुनाव मे जीत कर दिखाने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि वे शांत है और सब बर्दाश्त कर रही हैं तो इसका मतलब यह नहीं कि वे कमजोर हें। उन्होंने भाजपा पर सत्ता पर बन रहने के लिए जबरदस्ती और लूट करने का आरोप लगाया।
इस मौकै पर भी उन्होंने एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग की आलोचना की और उस पर भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को वैनिश कुमार नाम देते हुए भाजपा का आदमी बताया और उन पर अलोकतांत्रिक तरीके से डेढ़ करोड़ वोटरों के नाम हटाने की साजिश करने का आरोप लगाया।
इसे भी पढ़ेंः
उत्तर प्रदेश में टल सकते हैं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव
https://www.primenewsnetwork.in/state/three-tier-panchayat-elections-may-be-postponed-in-uttar-pradesh/104079