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मध्य प्रदेश में 67 साल पुराना कानून बदला गया..

मध्य प्रदेश में 67 साल पुराना कानून बदला गया, 20 से कम कर्मचारियों की दुकान का लेबर इंस्पेक्टर नहीं कर सकेंगे निरीक्षण

MP News : भोपाल। दुकान, वाणिज्यिक स्थापना, निवासयुक्त होटल, उपहार गृह, भोजन गृह, नाट्य शाला अथवा सार्वजनिक आमोद या मनोरंजन का अन्य स्थान खोलने के लिए

मध्य प्रदेश में 67 साल पुराना कानून बदला गया 20 से कम कर्मचारियों की दुकान का लेबर इंस्पेक्टर नहीं कर सकेंगे निरीक्षण

मध्य प्रदेश में 67 साल पुराना कानून बदला गया |

MP News : भोपाल। दुकान, वाणिज्यिक स्थापना, निवासयुक्त होटल, उपहार गृह, भोजन गृह, नाट्य शाला अथवा सार्वजनिक आमोद या मनोरंजन का अन्य स्थान खोलने के लिए अब ऑनलाइन प्रमाण-पत्र मिलेगा। अभी इसकी फीस ढाई सौ रुपये है, लेकिन राज्य सरकार इसे ढाई हजार रुपये तक कर सकेगी।

इसके अलावा, जिसमें 20 से कम कर्मचारी नियुक्त हैं, उसका निरीक्षण लेबर इंस्पेक्टर तब तक नहीं कर सकेगा, जब तक कि श्रमायुक्त इसकी अनुमति नहीं देते हैं। ये नये प्रावधान 67 साल पुराने कानून मप्र दुकान तथा स्थापना अधिनियम 1958 में विधानसभा में 2 दिसम्बर 2025 को पारित संशोधन विधेयक द्वारा किये गये हैं, जिन्हें राज्यपाल की अनुमति मिलने से ये पूरे प्रदेश में लागू हो गये हैं। बदलाव के बाद नया कानून मप्र दुकान तथा स्थापना द्वितीय संशोधन अधिनियम 2025 कहा जायेगा।  

नये प्रावधान के अनुसार, अब दुकान आदि के संचालक को 30 दिन के अंदर ऑनलाईन आवेदन करना होगा जिसमें उसका नाम, पता, डाक का पता, स्थापना का नाम, व्यवसाय प्रारंभ करने की तिथि, स्थापना का वर्ग यानि दुकान है या होटल आदि का उल्लेख करना होगा।

आवेदन एवं फीस जमा होने पर प्रमाण-पत्र स्वत: जनरेट होगा। प्रमाण-पत्र में उल्लेखित बातों में परिवर्तन करने के लिये भी परिवर्तन की तिथि से सात दिन के अंदर ऑनलाईन आवेदन करना होगा। इसके अलावा, दुकान आदि बंद होने के दस दिन के अंदर भी ऑनलाईन जानकारी पोर्टल के माध्यम से जानकारी देनी होगी, जिससे उस स्थापना का नाम रजिस्टर से हटाया जायेगा और प्रमाण-पत्र निरस्त हो जायेगा।

ऑनलाइन आवेदन में आईडी प्रूफ के रुप में जियो टैंगिंग वाला पता, आधार कार्ड, पार्टनर्स डीड व समग्र आईडी भी लगेगी। सभी मामलों में ऑनलाईन आवेदन न करने पर 50 रुपये से लेकर 500 रुपये तक अर्थदण्ड वसूला जायेगा।

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