MP News : उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग बाबा महाकालेश्वर के दरबार में चल रहे 'शिवनवरात्रि' उत्सव के दौरान एक नया विवाद खड़ा हो गया है।
MP News : उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग बाबा महाकालेश्वर के दरबार में चल रहे 'शिवनवरात्रि' उत्सव के दौरान एक नया विवाद खड़ा हो गया है। मंदिर परिसर में कुछ महिला श्रद्धालुओं द्वारा चेहरे और शरीर पर हल्दी लगाकर फिल्मी गानों पर थिरकने और सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनाने का मामला सामने आया है।
मदिर परिसर को पिकनिक समझना, परंपरा का उल्लंघन
मंदिर के पुजारियों का कहना है कि महाकाल मंदिर में शिवनवरात्रि के दौरान भगवान का विशेष श्रृंगार होता है और परंपराओं का पालन किया जाता है। मंदिर परिसर को 'पिकनिक स्पॉट' या 'रील बनाने की जगह' समझना धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने जैसा है।
पुजारियों ने इसे मर्यादाहीन बताया
मंदिर के वरिष्ठ पुजारियों ने इस कृत्य को "मर्यादाहीन" बताया है। उनका तर्क है कि देव स्थान पर इस तरह का प्रदर्शन मंदिर की पवित्रता और सनातन परंपरा के खिलाफ है। इस घटना के बाद मंदिर प्रबंध समिति ने सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी निगरानी को और कड़ा करने के निर्देश दिए हैं। पूर्व में भी मंदिर परिसर और गर्भगृह में रील बनाने पर कई लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की जा चुकी है और मोबाइल बैन को लेकर सख्त नियम बनाए गए हैं।
भक्तों में भी रोष
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद आम श्रद्धालुओं ने भी नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि जो श्रद्धालु दूर-दूर से दर्शन के लिए आते हैं, उन्हें इन गतिविधियों के कारण असुविधा होती है। महाकाल मंदिर प्रशासन ने पहले ही मंदिर के संवेदनशील क्षेत्रों और गर्भगृह में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी को प्रतिबंधित कर रखा है। नियमों का उल्लंघन करने पर दर्शनार्थियों पर जुर्माना या कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
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