Election Commission : चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में एसआइआर के तहत हो रहे कार्यों में हो रही गड़बड़ियों के मद्देनजर सख्ती बरतना शुरू कर दिया है।
Election Commission : चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में एसआइआर के तहत हो रहे कार्यों में हो रही गड़बड़ियों के मद्देनजर सख्ती बरतना शुरू कर दिया है। उसने राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) मनोज कुमार अग्रवाल को पांच दोषी अधिकारियों को खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। चुनाव आयोग ने सीइओ को कहा है कि वे उन जिला चुनाव अधिकारी (डीईओ) को निर्देश दें कि वे तुरत अपने अधीन दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं।
सूत्रों के मुताबिक, चुनाव आयोग ने अगस्त में दो चुनाव पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) और दो सहायक चुनाव पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) को गंभीर लापरवाही और कर्तव्य के पालन में विफल होने के कारण निलंबित करनमे आदेश दिया था। इन अधिकारियों पर ईआर डेटाबेस के लागिन क्रेडेंशियल्स अनधिकृत व्यक्तियों के साथ साझा कर डेटा सुरक्षा नीति का अनदेखा करने का आरोप है।
चुनाव आयोग ने दक्षिण चौबीस परगना के ईआरओ देबोत्तं दत्ता, ईआरओ तथागत मंडल और उनेक डेटा एंट्री आपरेटर सुरोजित हलदर को निलंबित किया था। उसके बाद पूर्व मेदिनीपुर जिले के ईआरओ बिप्लव सरकार और ईईआरओ सुदीप्त दास को भी निलंबित किया था। राज्य सरकार नमे 20 अगस्त को इन अधिकारियों को निलंबित कर दिया था, लेकिन इन अधिकारियों के खिलाफ अफआईआर दर्ज नहीं कराया गया था
जबकि चुनाव आयोग ने एफआईआर दर्ज करने का भी आदेश दिया था। चुनाव आयोग ने चेतावनी दी है कि इन दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई तो इस गंभीरता से लिया जाएगा। चुनाव आयोग ने सीईओ को कहा है कि वे चुनाव आयोग को यह रिपोर्ट दे कि उसके आदेश का पालन हुआ या नहीं।
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