इंदौर। भागीरथपुरा में दूषित पानी से अब तक 17 लोगों की जान जा चुकी है। इससे लोगों में खौफ समा गया है।
MP News : इंदौर। भागीरथपुरा में दूषित पानी से अब तक 17 लोगों की जान जा चुकी है। इससे लोगों में खौफ समा गया है। स्थानीय लोग टैंकर और नर्मदा के पानी को लेकर भी भारी आशंकित हैं। यही कारण है कि पूरे इलाके में आरओ की मांग बढ़ गई है। लोग कहते हैं, कई जगह तो टैंकर से भी गंदा पानी आ रहा है।
उधर भागीरथपुरा में बोरिंग का पानी भी दूषित मिला है। शहर में बोरिंग के पानी के सैंपल लिये गये हैं। इसमें 35 सेंपल फेल हो गये हैं। मतलब साफ है कि पानी पीने योग्य नहीं है। इसीलिए 516 बोरिंग के पानी के पानी के प्रयोग पर प्रतिहंध लगा दिया गया। इसमें 40 निजी औऱ 116 सरकारी हैं, वहीं, 112 पानी की टंकी, नाले और बोरिंग का पानी को रविवार को सेंपल ले कर जांच के लिए भेजा गया है।
पानी की जांच निजी लैब में की जाएगी। निगम की एक लैब है, पर वहां कर्मचारी कम हैं। 29 दिसंबर को गंदे पानी का खुलासा हुआ था कि लोग मर रहे हैं। डर इस तरह समाया हुआ है कि लोग नर्मदा नदी का पानी भी प्रयोग नहीं कर रहे हैं। बोरिंग और आरओ और बोतल के पानी का ही प्रयोग कर रहे हैं। टैंकर से पानी की आपूर्ति की जा रही है, पर लोगों को उबालकर औऱ उसे छानकर पीने की सलाह दी गई है।
आरओ के बोतल और जिंक की गोलियां बांटी जा रही हैं। कई दुकानों तक में नास्ता औऱ चाय भी बोतल के पानी से बनाया जा रहा है, वहीं घर में लोग बोरिंग के पानी को उबालकर पी रहे हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि कई जगह टैंकर का पानी भी गंदा है। लोग किस्त पर आरओ लगवा रहे हैं। लोग यहां तक कि नहाने के लिए भी टैंकर का पानी इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। लोग कहते हैं कि टैंकर की हालत भी खराब है इसलिए उससे पानी भरने की इच्छा नहीं होती है।
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