भोपाल। मप्र की राजधानी की जीवनरेखा “बड़ा तालाब” को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है...
भोपाल। मप्र की राजधानी की जीवनरेखा “बड़ा तालाब” को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को नगर निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों ने तालाब के कैचमेंट एरिया और किनारों का निरीक्षण किया, जिसमें बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण सामने आए हैं।
इन इलाकों में सर्वे
टीमों ने मुख्य रूप से खानूगांव, VIP रोड, करबला और लालघाटी इलाकों में सर्वे किया। इसके साथ निरीक्षण भी किया गया। इस दौरान तालाब की सीमा के भीतर कई पक्के और अस्थायी निर्माण पाए गए। प्रशासन ने इन अवैध ढांचों पर लाल निशान (Red Marks) लगा दिए हैं।
क्या होगी कार्रवाई?
अधिकारियों के अनुसार, आगामी कार्रवाई में सीमांकन (Demarcation) की प्रक्रिया पूरी होते ही इन अवैध निर्माणों को ढहाने के लिए बुलडोजर चलाया जाएगा।
उच्च स्तरीय बैठक में विचार
हाल ही में हुई हाई-लेवल मीटिंग में यह बात सामने आई थी कि पिछले कुछ दशकों में अतिक्रमण के कारण बड़ा तालाब का क्षेत्रफल काफी कम हो गया है। एनजीटी (NGT) के सख्त निर्देशों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के दबाव के बाद, जिला प्रशासन ने एक टास्क फोर्स का गठन किया है।
प्रशासनिक अधिकारी ने कहा
प्रशासनिक अधिकारी कहा कि बड़ा तालाब हमारी धरोहर है। इसके कैचमेंट एरिया में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीमांकन के बाद नियमानुसार हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
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