प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

नेता की मनमानी- चुनाव हार गये, पद भी चला गया पर..

नेता की मनमानी- चुनाव हार गये, पद भी चला गया पर सरकारी बंगले पर कब्जा बरकरार

MP News : भोपाल। विधानसभा चुनाव हारने के बाद मंत्री पद भी चला गया पर मध्य प्रदेश में कई नेता बग्लों पर अब भी कब्जा जमाए हुए हैं।

नेता की मनमानी- चुनाव हार गये पद भी चला गया पर सरकारी बंगले पर कब्जा बरकरार

नेता की मनमानी- चुनाव हार गये, पद भी चला गया पर सरकारी बंगले पर कब्जा बरकरार |

MP News : भोपाल। विधानसभा चुनाव हारने के बाद मंत्री पद भी चला गया पर मध्य प्रदेश में कई नेता बंगलों पर अब भी कब्जा जमाए हुए हैं। ऐसे नेताओं पर मोहन सरकार सख्ती बरतने के मूड में है। ऐसे लोगों से बंगला खाली कराने की तैयारी की जा रही है। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व. प्रभात झा के परिवार को नोटिस भेजा गया है जिसमें 13 जनवरी तक बंगला खाली करने के लिए कहा गया है। यदि परिवार बंगला खाली नहीं करता है तो बल का प्रयोग किया जाएगा और बेदखली की कार्रवाई की जाएगी। 

पूर्व राजस्व मंत्री रामपाल सिंह, पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, पूर्व सहकारिता मंत्री अरविंद भदोरिया 2023 का विधानसभा चुनाव हार गये थे। इसके बाद भी वे बंगले दो साल से रह रहे हैं। इधर, पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया भी वर्तमान में विधायक नहीं रहने के बाद भी मंत्री के बंगले को खाली कर रहीं। यही स्थिति साध्वी प्रज्ञा ठाकुर की भी है। सांसद नहीं होने के बाद भी वे बगले को छोड़ नहीं रही हैं। इधर, संपदा संचालनालय के अनुसार, प्रभात झा के परिवार को 6 जनवरी को नोटिस दिया गया था।

अब सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि पात्रता समाप्त होने के बाद किसी भी स्थिति में सरकारी आवास पर कब्जा नहीं रहने दिया जाएगा। उधर, सांची के विधायक डॉ प्रभुराम चौधरी, खुरई के विधायक भूपेंन्द्र भर्गव, रहली के विधायक गोपाल भार्गव, और मानपुर के विधायक  मीना सिंह अभी मंत्रियों के बंगले में रह रहे हैं। 

इस बीच प्रशासन ने कहा कि यदि सही समय सीमा के बाद भी बंगला खाली नहीं किया गया तो भारी भरकम किराया वसूला जाएगा। नियम है कि पहले तीन महीने तक सामान्य किराया, उसके बाद तीन महीने तक 19 गुना और उसके बाद भी आवास खाली नहीं किया गया तो 30 गुना किराया वसूलने का प्रावधान है। विधि विभाग ने इस तरह के वसूली को मंजूरी दे दी है। इस बीच, संपदा संचालनालय के मुताबिक, भोपाल में 4 आईएएस अधिकारी के साथ कुल सात अफसर को भी बेदखली नोटिस दिये गये हैं। इसमें कुछ वरिष्ठ आईपीएस और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल बताए गये हैं। 

मालूम हो कि मंत्रियों को बी औऱ सी टाइप बंगले दिये जाते हैं, लेकिन अभी स्थिति ऐसी है कि  भाजपा और कांग्रेस के आधा दर्जन से अधिक विधायक पात्रता से ऊपर की श्रेणी के बंगले में रह रहे हैं। इसमें अधिकांश ऐसे विधायक हैं, जो पहले मंत्री रह चुके हैं। प्रभात झा के बेटे ने तुश्मुल झा ने कहा कि अभी खरमास चल रहा है। इस समय कोई भी ऐसी चीन नहीं की जाती है। यह सामान्य है। 

यह भी पढ़ें : https://www.primenewsnetwork.in/state/horrific-road-accident-at-bhairav-ghat-in-mhow-a-high-speed-truck-collided/104390

Related to this topic: