जबलपुर। शहर की विशाल बरगी बांध में गुरुवार शाम खुशियों का सफर मातम में बदल गई। मध्य प्रदेश विकास...
जबलपुर के बरगी में बड़ा हादसा, बांध में क्रूज डूबा, 9 शव मिले, 24 लोगों को बचाया
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जबलपुर। शहर की विशाल बरगी बांध में गुरुवार शाम खुशियों का सफर मातम में बदल गई। मध्य प्रदेश विकास निगम का डबल डेकर क्रूज अचानक उठे भीषण आंधी की चपेट में फंस गया। इसके बाद क्रूज अथाह जल राशि में पलट गया। क्रूज में उस समय 34 लोग सवार थे। इस हृदय विदारक हादसे में अब तक 9 शव बरामद किये गये हैं और 24 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। बताया जाता है कि क्रूज में सवार लोगों में से 9 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। बताया जाता है कि कई लोग स्वयं तैर कर किनारे पहुंचे।
बचाव अभियान में 10-10 लोगों की टीम जुटी
हादसे के बाद बचाव व राहत कार्य तेज कर दिया गया था। होमगार्ड एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। होमगार्ड डीआईजी डॉ. विशद तिवारी ने बताया कि बचाव आपरेशन के लिए 10-10 लोगों की तीन टीम तैयार की गई। इन टीमों में विशेषज्ञ गोताखोर भी शामिल थे।
एनडीआरएफ की टीम पहुंची
एनडीआरएफ की 35 सदस्यों की टीम जबलपुर पहुंची। लापता लोगों की तलाश के लिए कटनी, नरसिंहपुर, और सिवनी से भी अतिरिक्त टीम बुलाई गई। प्रशासन पूरी तरह मुस्तैदी के साथ गहरे पानी में तलाशी अभियान चलाता रहा। गोताखोर बांध की गहराई में उतरकर लापता लोगों की तलाश कर रहे। नावों को भी इसमें लगाया गया कि बांध के विस्तृत इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया।
सेकेंडों में बदली जिंदगी, बच्चे बचे, पत्नी लापता
हादसे में सुरक्षित निकले पाटन बायपास के निवासी मनोज सेन ने बताया कि वह पत्नी ज्योति सेन, बेटी तनिष्का, के साथ क्रूज में सवार थे। सभी लाइफ जैकेट पहने हुए थे। अचानक मौसम बदला और तेज हवा चलते ही ऐसा लगा कि क्रूज में पानी भरने लगा और कुछ ही पल में क्रूज पलट गया। इससे चीख- पुकार मच गई। मनोज खुद सुरक्षित बाहर निकल आए पर उनकी पत्नी, बेटा बेटी का कुछ पता नहीं चला। हालांकि कुछ देर बाद पता पला कि बच्चों को किसी अस्पताल में पहुंचाया गया, पर पत्नी का कुछ पता नहीं चला।
तकनीकी खामियों की आशंका
बताया जा रहा है कि क्रूज आंधी- तूफान की वजह से डूबा, लेकिन तकनीकी खामियों की भी आशंका जताई जा रही है। क्रूज के पलटने की सही वजह का पता नहीं चला है, जांच जारी है।
दो दशक पुराना था क्रूज
क्रूज करीब दो दशक पुराना बताया जा रहा है। इसे वर्ष 2005 में बरगी में पर्यटकों के लिए शुरू किया गया था। इस क्रूज की कुल क्षमता 70 सीटों की थी। क्रूज पर लाइफ जैकेट उपलब्ध थी, लेकिन बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त कई पर्यटकों को इसे पहनने का मौका नही मिला। क्रूज पर सवार प्रत्येक व्यक्ति के लिए इसे पहनना अनिवार्य होता है।
हादसे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुख जताया और मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
क्रूज में पानी भरते ही मची चीख- पुकार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, क्रूज शाम करीब 4.30 बजे रवाना हुआ था। सबकुछ सामान्य था। लेकिन एक घंटे बाद करीब 5.30 बजे खमरिया टापू के पास मौसम बदला। आसमान में अचानक काले बादल उमड़ने लगे और तेज हवा से क्रूज असंतुलित हो गया। देखते ही दखते सैलानियों की हंसी ठिठोली चीख पुकार में बदल गई। इसके साथ क्रूज पानी में समा गया। खराब मौसम को देखते हुए कुछ पर्यटकों ने क्रूज को पानी में ले जाने से मना किया, लेकिन कैप्टन नहीं माना। लोगों का आरोप है कि इस दौरान पूरे क्रूज स्टाफ का रवैया काफी असहयोगात्मक था। उन्होंने किसी की बात नहीं सुनी।
अंधेरे में चला बचाव अभियान, 5 घंटे बाद चमत्कार, जीवित मिले 70 साल के रियाज
बचाव अभियान के दौरान बचाव दल जब क्रूज के पास पहुंचा तो चमत्कारिक रूप से मोहम्मद रियाज (70) जीवित मिले। वे पानी के अंदर किसी तरह सांस लेने में सफल रहे थे। बाहर निकालने के बाद उन्हें पेट में तकनीफ होने पर इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। मो. रिजाज के साथ पत्नी और दो बच्चे भी थे, उनका कुछ पता नहीं चला। इसक बाद दो और पर्यटकों को भी काफी देर बाद बाहर निकाला गया। हादसे के बाद क्रू का कैप्टन महेश पटेल गायब था। उसे करीब 1 घंटे बाद बाहर निकाला जा सका। रात करीब 10 बजे इलियाज हुसैन नामक युवक को गैस कटर की मदद से क्रू की बाडी को काटकर निकाला गया।
पानी का तेज बहाव, बचाव में परेशानी
पुलिस और जिला प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। आईजी प्रमोद वर्मा ने बताया कि एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों ने बचाव अभियान चलाया। हालांकि रात के अंधेरे में बचाव अभियान में काफी दिक्कत हुई। क्रूज पूरी तरह पलट गया था इललिए बचाव अभियान में परशानी आई। मौके पर हैलोजन लाइट और जेनरेटर की व्यवस्था की गई। तैराक लापता लोगो की तलाश में जुटे रहे।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तेज हवा के कारण क्रूज हिलने लगा था और निचले हिस्से में पानी भरने से संतुलन बिगड़ा और क्रूज एक तरफ झुकते हुए पानी में समा गया। गनीमत रही कि हादसा किनारे हुआ औऱ नाव की मदद से बचाव अभियान शुरू हो गया।
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