इंदौर। तुलसीराम सिलावट गुरुवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान उस समय असहज स्थिति में फंस गए...
इंदौर। तुलसीराम सिलावट गुरुवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान उस समय असहज स्थिति में फंस गए, जब वे अपनी ही पार्टी के आलोट विधायक और पूर्व सांसद चिंतामणि मालवीय को पहचान नहीं पाए। मंत्री सिलावट ने मालवीय को कांग्रेसी बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ लगे आरोपों पर फैसला कांग्रेस को करना चाहिए।
बताया, चिंतामणि मालवीय का मामला कांग्रेस का अंदरूनी
पत्रकारों ने चिंतामणि मालवीय पर लगे यौन शोषण के आरोपों को लेकर मंत्री सिलावट से सवाल किया था। इस पर उन्होंने पहले कहा कि यह कांग्रेस का अंदरूनी मामला है। बाद में जब पत्रकारों ने बताया कि मालवीय भाजपा विधायक हैं, तब मंत्री कुछ देर के लिए असहज नजर आए।
बात को घूमाने लगे
इसके बाद सिलावट ने कहा कि यदि किसी पर आरोप लगे हैं तो जांच एजेंसियां अपनी कार्रवाई करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि “अगर मामला दर्ज हुआ है तो कुछ न कुछ सही जरूर होगा”, हालांकि बाद में उन्होंने यह भी जोड़ा कि जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
विधायक को नहीं पहचानने पर राजनीतिक गलियारे में चर्चा तेज
प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री के बयान और विधायक को पहचान नहीं पाने की घटना को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्ष ने इस मामले को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है, जबकि भाजपा नेताओं ने इसे सामान्य भूल बताया है।
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