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पश्चिम बंगाल में 7 अप्रैल तक विचाराधीन वोटरों के..

पश्चिम बंगाल में 7 अप्रैल तक विचाराधीन वोटरों के मामलों का निपटारा

कोलकाता। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के विचाराधीन (अंडर एडज्यूडिकेशन) वोटरों के मुद्दे पर सुनवाई के दौरान...

पश्चिम बंगाल में 7 अप्रैल तक विचाराधीन वोटरों के मामलों का निपटारा

पश्चिम बंगाल में 7 अप्रैल तक विचाराधीन वोटरों के मामलों का निपटारा |

कोलकाता। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के विचाराधीन (अंडर एडज्यूडिकेशन) वोटरों के मुद्दे पर सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि सभी विचाराधीन वोटरों के मामले का निपटारा 7 अप्रैल तक हो जाएगा।

अपीलेट ट्रिब्यूनल उन विचाराधीन वोटरों को मामले की सुनवाई 2 अप्रैल से शुरू कर देगा, जो न्यायिक अधिकारियों द्वारा वोटर के रूप में अमान्य कर दिए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अपीलेट ट्रिब्यूनल को अमान्य किए गए वोटरों के नए दस्तावेजों की उचित सत्यापन के बिना स्वीकार न किए जाने का आदेश दिया है। 

मिली जानकारी के अनुसार, कलकत्ता हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्चट को पत्र देकर जानकारी दी कि 60 लाख में से 47 लाख विचाराधीन वोटरों के मामलों का निपटारा हो गया है। बाकी 13 लाख विचाराधीन वोटरों के मामलों का निपटारा 7 अप्रैल तक हो जाएगा। चुनाव आयोग की ओर से कहा गया कि सभी विचाराधीन वोटरों की लिस्ट 6-7 अप्रैल तक जारी कर दी जाएगी। आपीलेट ट्रिब्यूनल 2 अप्रैल से न्यायिक अधिकारियों द्वारा अमान्य किए गए विचाराधीन वोटरों के आवेदनों पर विचार करना शुरू कर देगा। कलकत्ता हाईकोर्ट ने अनुसार राज्य में 19 अपीलेट ट्रिब्यूनल का गठन कर लिया गया है। 

पश्चिम बंगाल सरकार के अधिवक्ता कल्याण बनर्जी की ओर से नए वोटर बनने के लिए फार्म छह चुनाव आयोग के कार्यालय में जमा होने के बारे में जिक्र करने पर सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अनुमान के आधार बात न करने की हिदायत दी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अपीलेट ट्रिब्यूनल अपनी प्रक्रिया तय करने के लिए स्वतंत्र है। वह कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से इस बारे में निर्देश ले सकता है। ट्रिब्यूनल विचाराधीन वोटरों के दस्तावेजों की पुष्टि कर निर्णय लेगा।

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